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करनाल मण्डल आयुक्त संजीव वर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज को फहराकर परेड़ निरीक्षण किया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at January 26, 2022 Tags: , , , , , ,

BOL PANIPAT , 26 जनवरी। शिवाजी स्टेडियम में आयोजित 73वें गणतंत्र दिवस समारोह में करनाल मण्डल आयुक्त संजीव वर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज को फहराकर परेड़ निरीक्षण किया। इससे पूर्व उन्होंने स्थानीय लघु सचिवालय स्थित शहीदी स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में शामिल हरियाणा पुलिस, होम गार्ड, एनसीसी, स्काउट की टुकडिय़ों ने मार्च पास्ट किया और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।

कार्यक्रम में जिलावासियों के नाम अपने सम्बोधन में मण्डल आयुक्त संजीव वर्मा ने जिला के सभी नागरिकों को गणतंत्र दिवस समारोह की बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। उन्होंने ज्ञात-अज्ञात शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि सन् 1950 में आज ही के दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। इसी संविधान के कारण हमसभी को समान न्याय, स्वतंत्रता एवं समानता का अधिकार मिला। गणतंत्र दिवस के साथ हमारे देशभक्तों के त्याग और बलिदान की एक लंबी गौरवगाथा जुड़ी हुई है। देश को आजादी दिलाने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद और उधम सिंह जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने लम्बा संघर्ष किया।

उन्होंने प्रदेश सरकार की विकासकारी योजनाओं का खाका पेश करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में हरियाणा प्रदेश का भी अहम योगदान रहा है। आज भी हरियाणा के नौजवान सेना में भर्ती होना अपनी शान समझते हैं। यही कारण है कि आज भारतीय सेना का हर दसवां जवान हरियाणा से है। उन्होंने कहा कि हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों के कठोर संघर्श से हमें आजादी मिली तो वहीं दिन-रात मुस्तैदी से देश की सीमाओं की निगहेबानी करने वाले वीर सैनिकों के कारण हमारी यह आजादी सुरक्षित है। आज पूरा देश उनका ऋणी है।उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए हमने युद्ध के दौरान षहीद हुए हरियाणा के सैनिकों और अर्ध-सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। इसी प्रकार, आई.ई.डी. बलास्ट में षहीद होने पर भी अनुग्रह राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। युद्ध अथवा आतंकवादियों से मुठभेड़ या किसी अन्य घटना के दौरान घायल हुए सैनिकों और अर्ध-सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि नि:षक्ता के आधार परबढ़ाकर 35 लाख रुपये, 25 लाख रुपये और 15 लाख रुपये की गई है। सरकार ने सैनिकों के कल्याण के लिए आठ जिलों में एकीकृत सैनिक सदन बनाने का निर्णय लिया है। इन पर करीब 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले लगभग पौने 8 साल के कार्यकाल में कई ऐसे निर्णय लिए, जिससे न केवल भारत के प्रति दुनिया का नजरिया बदला, बल्किएक शक्तिशाली देश के रूप में हमारी पहचान बनी। केन्द्र सरकार ने जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद-370 व धारा 35-ए को हटाने,नागरिकता संशोधन कानून, तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने, अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करवानेसमेत अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। हरियाणा में भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में मौजूदा सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूलमंत्र पर प्रदेश के हर क्षेत्र का समान विकास करवाने के लिए प्रयासरत है। राज्य सरकार नेव्यवस्था परिवर्तन एवं सुशासन के पथ पर चलते हुए कई अनूठी पहल की हैं। इनमें युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी, कर्मचारियों का ऑनलाइन तबादला, राशन, पेंशन, वजीफों, सब्सिडी में चल रहे फर्जीवाड़े को बंद करना आदि शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल बनाने के लिए ‘ग्राम दर्षन पोर्टल’ पर 6197 ग्राम पंचायतों का डिजिटल डाटा उपलब्ध है। ग्रामीणों को उनकी सम्पत्ति का मालिकाना हक देने के लिए गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा रहा है। इसमें 6309 गांवों को कवर किया जा चुका है।

संजीव वर्मा ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां हैपेटाइटिस-सी व बी की दवाइयां मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही हैं।एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम में हरियाणा को देश में प्रथम स्थान मिला है।हरियाणा ऐसा पहला प्रमुख राज्य बन गया है, जहां प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डी.बी.टी.) के माध्यम से शत-प्रतिशत लाभार्थियों के खाते में सामाजिक सुरक्षा पेंशन भेजी जा रही है। प्रदेश में हर व्यक्ति को उसके घर-द्वार पर ही सरकार कीयोजनाओं व सेवाओं का लाभ मिले, इसके लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं व सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है। ‘मेरा परिवार-मेरी पहचान’ कार्यक्रम के तहत सभी परिवारों के परिवार पहचान-पत्र बनाए जा रहे हैं। पी.पी.पी. पोर्टल पर अब तक लगभग 72 लाख परिवारों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें से अब तक 58 लाख 80 हजार से अधिक परिवारों का डाटा सत्यापित हो चुका है। राज्य सरकार द्वारा लगभग 27 लाख लाभापात्रों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन को परिवार पहचान-पत्र से जोड़ा गया है। प्रदेश के सबसे गरीब परिवारों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना‘ चलाई जा रही है। इसके तहत सबसे गरीब परिवारों की पहचान करके उनकी वार्षिक आय कम से कम 1.80 लाख रुपये की जाएगी। इस योजना के तहत अब तक एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लगभग 1 लाख 49 हजार परिवारों की पहचान की गई है। मार्च, 2022 तक 1 लाख परिवारों के उत्थान का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बी.पी.एल.परिवारों की वार्षिक आय सीमा 1 लाख 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 80 हजार रुपये की गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवारों को गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ मिल सके। ‘मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना‘ के तहत बी.पी.एल. परिवारों को 6 हजार रुपये वार्षिक सहायता दी जा रही है। ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत कोविड महामारी के मद्देनजर मार्च-2022 तक मुफ्त राशन दिया जाएगा।‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ के तहत रेहड़ी-फड़ी वालों को अपना काम शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत गरीबों के लिए 75,000 मकान बनाए गए हैं। प्रदेश में सभी तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर 2500 रुपये मासिक की गई है। इसके अलावा, 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों को भी 2750 रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर शगुन के रूप में ‘मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’ के तहत 71 हजार रुपयेतक की राशि दी जा रही है। स्कूल न जा पाने वाले 18 वर्ष के नि:शक्त बच्चों को दी जा रही वित्तीय सहायता बढ़ाकर 1900 रुपये मासिक की गई है। कोविड-19 महामारी पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। इस महामारी से लडऩे के लिए किए जा रहे टीकाकरण में भारत विश्व में पहले स्थान पर है। हरियाणा मेंभी युद्ध स्तर पर टीकाकरण किया जा रहा है। अठारह वर्श से अधिक आयु के षत-प्रतिषत लोगों को पहली डोज और 79 प्रतिषत लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। वहीं, 15 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों का भी टीकाकरण किया जा रहा है।इसके तहत लगभग 8 लाख बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। साथ ही, करीब 56 हजार लोगों को बूस्टर डोज भी लगाई जा चुकी है। प्रदेश में सभी कोरोना मरीजों का इलाज व टीकाकरण मुफ्त किया जा रहा है। बी.पी.एल. परिवारों के कमाऊ सदस्य की कोरोना से मृत्यु होने पर दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है। ‘मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना’ के तहत कोविड-19 के कारण मृत्यु होने पर बीमा कवर बढ़ाकर 10 लाख रुपए किया गया है। कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों के पुनर्वास और सहायता के लिए ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’के तहत प्रति बच्चा 2500 रुपये मासिक सहायता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ बीज से बाजार तक हर कदम पर उनकीमदद करने का है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 14 फसलों की खरीद करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। किसानों को 72 घंटे के भीतर उनकी फसलों का भुगतान करने की व्यवस्था की गई है। निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर किसानों को 9 प्रतिशत की दर से ब्याज भी दिया जाता है। वर्तमान सरकार ने गन्ने का भाव बढ़ाकर 362 रुपये प्रति क्विंटल किया है, जो देश में सर्वाधिक है। ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत पात्र लघु और सीमांत किसानों को 6,000 रुपये वार्षिक सहायता दी जा रही है। प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर मुआवजा राशि को बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति एकड़ करने का निर्णय लियाहै। कृषि भूमि के आदान-प्रदान पर किसानों को स्टाम्प शुल्क में छूट दी गई है। बैंकों से किसानों के लेन-देन पर लगने वाली स्टांप फीस 2,000 रुपये से घटाकर 100 रुपयेकी गई है।

उन्होंने कहा कि किसानों को 7,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता दी जा रही है। कम पानी में अधिकतम सिंचाई के लिए सूक्ष्म सिंचाई योजना, फव्वारा संयंत्र प्रणाली, भूमिगत पाइप लाइन स्कीम, टपका सिंचाई योजना आदि चलाई जा रही हैं। कृषि वानिकी के तहत धान के स्थान पर प्रति एकड़ 400 पेड़ लगाने पर किसान को 3 वर्ष तक प्रतिवर्ष 10,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अलावा, ‘पशुधन क्रेडिट कार्ड योजना’ के तहत 73,000 पशुपालकों को 918 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए हैं। प्रदेश में पिछले सवा 7 वर्षों में कुल 67 नए राजकीय महाविद्यालय खोले गए हैं, जिनमें से 42 लड़कियों के लिए हैं। इसके अलावा, प्रदेश में 29 महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भी स्थापित किए गए हैं। आई.टी.आई. में पढऩे वाली लड़कियों को प्रतिमाह 500 रुपये वजीफा दिया जा रहा है। एक लाख 80,000 रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की छात्राओं की स्नातकोत्तर तक की फीस माफ की गई है। प्रदेश में संस्कार और रोजगार से युक्त शिक्षा देने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की जा रही है। इसे प्रदेश में वर्ष-2025 तक पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं देने के लिए 113 नए संस्कृति मॉडल स्कूल खोले गए हैं। तकनीकी संस्थानों में उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण के लिए उद्योगों के साथ एम.ओ.यू.किए गए हैं। हमारे युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में अग्रणी रहें, इसके लिए सुपर-100 प्रोग्राम चलाया जा रहा है। यह गर्व की बात है कि इसके तहत कोचिंग पाने वाले विद्यार्थी आई.आई.टी. मेन्स और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में मैरिट में स्थान प्राप्त कर रहे हैं। युवाओं को नौकरी के लिए बार-बार आवेदन करने व फीस भरने से छुटकारा दिलाने के लिए ‘एकल पंजीकरण’ की सुविधा शुरू की गई है। बार-बार प्रतियोगी परीक्षा से निजात दिलाने के लिए ‘कॉमन पात्रता परीक्षा’ का प्रावधान किया गया है।प्रदेष में आउटसोर्सिंग से जुड़ी सरकारी सेवाओं में ठेका प्रथा बंद करने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम बनाया गया है। प्रदेष में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के विकास के लिए अलग से एम.एस.एम.ई. विभाग का गठन किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाडिय़ों ने ओलम्पिक व अन्य अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है।यह सब हमारे खिलाडिय़ों की लगन व मेहनत और सरकार की खेल नीति का सुपरिणाम है। टोक्यो ओलम्पिक में कुल 7 पदकों में से 3 पदक हरियाणा के खिलाडिय़ों ने जीते हैं। हॉकी में कांस्य पदक जीतने वाली टीम में हमारे दो खिलाड़ी षामिल हैं। महिला हॉकी टीम में तो 9 खिलाड़ी हरियाणा की हैं, जिन्होंने अपने दमखम और कौषल से सबका मन जीता है। हरियाणा पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को पुरस्कार के रूप मेंदेष में सर्वाधिक नकद राशि देता है। ओलम्पिक की तैयारी के लिए 5 लाख रुपये की एडवांस प्रोत्साहन राशि देने वाला हरियाणा देष का पहला राज्य है।

खिलाडिय़ों के लिए रोजगार सुनिश्चित करने के उद्देष्य से खेल विभाग में 550 नये पद भी बनाए गए हैं। उद्योग प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और रोजगार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रदेष में हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 लागू की गई है। इस नीति का लक्ष्य 5 लाख नई नौकरियों का सृजन करना, एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेष जुटाना और निर्यात को दोगुणा करना है। व्यापारियों के लिए ‘मुख्यमंत्री व्यापारी सामूहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना’ और ‘मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपूर्ति बीमा योजना’ शुरू की हैं। इस मौके पर जिला सत्र एवं न्यायधीश मनीषा बत्रा, विधायक प्रमोद विज, मेयर अवनीत कौर, निगमायुक्त आरके सिंह, पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन, एडीसी वीना हुड्डा,सीईओ जिला परिषद विवेक चौधरी, एसडीएम धीरज चहल, अतिरिक्त सीईओ जिला परिषद रविन्द्र मलिक, भाजपा नेता हरपाल ढांडा, चांद भाटिया, जजपा नेता देवेन्द्र काद्यान, सुरेश काला, पार्षद लोकेश नांगरू, जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी कुलदीप बांगड़, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार के अलावा विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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