Sunday, March 3, 2024
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“सामाजिक मूल्य आज के संदर्भ में” विषय पर एक दिवसीय वेबिनार  का आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at January 20, 2022 Tags: , , , , ,

 BOL PANIPAT :स्थानीय आई.बी स्नातकोत्तर महाविद्यालय पानीपत में हिंदी विभाग के सौजन्य से एक दिवसीय  वेबिनार  का आयोजन डॉ.  शर्मीला यादव के मार्गदर्शन में किया गया | इस वेबीनार का विषय रहा “सामाजिक मूल्य आज के संदर्भ में” | इस कार्यक्रम की  मुख्य वक्ता डॉ. सुमन सिरोही (डी.ए.वी पिहोवा  कुरुक्षेत्र हिंदी विभागाध्यक्षा) ने अपने  व्याख्यान में वैयक्तिक मूल्य और सामाजिक मूल्यों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि समय-समय पर निजी स्वार्थों  के कारण मानव इस अंतर्द्वंद में उलझ जाता है कि कौन से मूल्य  का सरंक्षण करें | 

उन्होंने बताया कि युवा शक्ति ही सामाजिक मूल्यों का संरक्षण करके सामाजिक बुराइयों को दूर कर सकती है इसके लिए उनके मन में संस्कार और संकल्प दोनों होने जरुरी है | डॉ. सुमन जी ने बताया कि हम  आधुनिक टेक्नोलॉजी के गुलाम हो चुके है  इसलिए भावना शून्य  होते जा रहे हैं | हमे अपने बुजुर्गों को पर्याप्त समय देना चाहिए क्योंकि इसी से उनको आंतरिक सुख मिल सकता है | युवा पीढ़ी को राजनीति में भी अपनी भागीदारी दिखानी चाहिए क्योंकि आज की राजनीति एक हाथ में धन और दूसरे में धर्म रखती  है इसलिए समाज में सामाजिक मूल्यों को चोटिल किया जाता रहा है |

कॉलेज प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग ने कहा कि सामाजिक मूल्य समाज की नींव है | संवेदनशीलता की कमी आज के समाज में दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है | इसलिए मां-बाप को विरासत के तौर पर अपने बच्चों को संस्कार, करुणा, दया आदि भावों को संजोना सिखाना चाहिए  |

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में छात्र दीपक, मनोज, नीलम, शिवानी, पंकज, प्रदीप कुमार, रितु ने अपनी ज्ञान पिपासा, जागरूकता के निवारण हेतु अनेक प्रश्न सामाजिक मूल्यों में गिरावट के मूल कारण क्या है इस पर अनेक प्रश्नों के उत्तर इस वेबिनार के अंतर्गत जानने का प्रयास किया |   दहेज प्रथा, वृद्धाश्रम, बेरोजगारी, अनमेल विवाह और भी अनेक संजीदा विषय पर वैचारिक मंथन किया गया |

अंत में  कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. शर्मीला यादव ने डॉ. सुमन का धन्यवाद किया और  विद्यार्थियों को बधाई दी | उन्होंने बताया कि पशुवतवृति  और मानववृति में यही अंतर है कि मानव  सद्भावना आपसी सहयोग भाईचारा ईश्वर की भक्ति  आदि सभी तत्वों का समागम करके मानवतावादी बन इस सृष्टि का निमायक बनता  है इसलिए उसे सदैव सामाजिक मूल्यों का पोषण करना चाहिए |

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