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खादी आश्रम पानीपत में बड़ी धूमधाम एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया गणतन्त्र दिवस

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at January 26, 2022 Tags: , , , , , , ,

BOL PANIPAT 26 जनवरी 2022ः- विद्या भारती माॅडर्न स्कूल के तत्वावधान में देश का 73वां गणतन्त्र दिवस खादी आश्रम, जी.टी.रोड़, पानीपत में बड़ी धूमधाम एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर श्रीमती निर्मल दत्त, अध्यक्षा, खादी आश्रम, पानीपत ने ध्वजारोहण किया। इस कार्यक्रम में खादी आश्रम पानीपत एवं भारतीय खादी ग्रामोद्योग संघ पानीपत के कार्यकर्ताओं तथा विद्या भारती माॅडर्न स्कूल के स्टाफ ने भाग लिया।
खादी आश्रम, पानीपत एवं पानीपत नागरिक मंच की अध्यक्षा तथा भारतीय खादी ग्रामोद्योग संघ उत्तरी क्षेत्र, पानीपत व विद्या भारती शिक्षा समिति, पानीपत की सचिव श्रीमती निर्मल दत्त द्वारा इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि आज हम 73वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। भारत के लिए गणतन्त्र दिवस केवल एक पर्व नहीं बल्कि गौरव और सम्मान का दिन है। अनगिनत लोगों की कुर्बानियोें के बाद भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी तथा हमारे देश का अपना संविधान न होने के कारण हमारे संविधान निर्माताओं द्वारा अपना संविधान बनाया गया। संविधान बनाने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा एवं हमारे देश का संविधान बनकर 26 नवम्बर 1949 को तैयार हुआ। इसे लागू 26 जनवरी, 1950 को किया गया। क्योंकि 26 जनवरी का हमारे स्वतंत्रता संग्राम में विशेष महत्व था।
श्रीमती निर्मल दत्त ने आगे कहा कि हमारे राष्ट्रीय झण्डे में जो केसरिया रंग है वह देश के वीरों की वीरता, त्याग एवं बलिदान का प्रतीक है। सफेद रंग प्रकाश, एकता व शांति का प्रतीक है। हमें अपना जीवन और राष्ट्र का जीवन प्रकाषमय बनाना है। हरा रंग हरियाली का प्रतीक है तथा राष्ट्रीय झण्डे में बना अशोक चक्र धर्म, प्रगति एवं विकास का प्रतीक है। हमें इन्हीं आदर्शों के अनुसार राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है।
श्रीमती निर्मल दत्त ने बताया कि बहुत लम्बे संघर्ष के बाद महात्मा गांधी के नेतृत्व में भगत सिंह, चन्द्र शेखर आजाद, लाला लाजपतराय, पं. जवाहरलाल नेहरू, सरदार बल्लभभाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री और अनगिनत देशभक्तों ने देश के लिए जो बलिदान और त्याग किया उसके कारण ही हमें स्वतन्त्रता मिली तथा अपना संविधान पारित करने का अधिकार मिला। हमारा राष्ट्रीय झण्डा न केवल मानवता की पूर्ण स्वतन्त्रता तथा शोषण से मुक्ति का प्रतीक है बल्कि वीरता, त्याग, सत्य, पवित्रता तथा विभिन्नता में एकता का भी प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय संविधान में देश को धर्म-निरपेक्ष रखा गया ताकि देश के सभी नागरिक समान हो, किसी के साथ भेदभाव न हो लेकिन वर्तमान में राजनैतिक दलों ने इसके ताने-बाने को उधेड़ कर रख दिया है। राजनैतिक दल सत्ता के लालच में अंधे होकर समाज को धर्म और जातियों में बांटने की राजनीति चला रहे है। जिसके चलते विभिन्न धर्मों व जातियों के बीच मनमुटाव बढ़ रहा है जो कि देश की एकता और अखण्डता के लिए खतरा है। हमें इस समय एकजुट रहने की आवश्यकता है।
अन्त में श्रीमती निर्मल दत्त ने सभी उपस्थित नागरिकांे एवं स्टाफ को राष्ट्र सेवा और राष्ट्र की स्वतन्त्रता, एकता और अखण्डता की रक्षा एवं स्वदेषी वस्तुओं का प्रयोग करने की प्रतिज्ञा भी दिलवाई। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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