Sunday, March 3, 2024
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स्वामी श्रद्धानन्द के 95वें बलिदान दिवस पर प्रदेश स्तरीय भाषण एवं गीत प्रतियोगिता समारोह का आयोजन किया गया ।

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at December 23, 2021 Tags: , , ,

BOL PANIPAT : 23 दिसम्बर आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में अमर शहीद हुतात्मा स्वामी श्रद्धानन्द के 95वें बलिदान दिवस पर प्रदेश स्तरीय भाषण एवं गीत प्रतियोगिता समारोह का आयोजन किया गया । इस समारोह की मुख्य अतिथि सांसद संजय भाटिया की धर्मपत्नी अंजू भाटिया रही। समारोह के विशिष्ट अतिथि भाजपा नेता पंकज शर्मा, समाजसेवी शशी शर्मा, जिला रैडक्राॅस के उपाधिक्षक एवं चाइल्ड लाईन के निदेशक विनोद कुमार, अतिविशिष्ट अतिथियों में प्राचार्य राजेश कुमार, पूर्व हैडमास्टर राममेहर आर्य शामिल रहे। आर्य समाज काबड़ी के उप प्रधान ओमदत्त आर्य और अशोक आर्य विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

समारोह की अध्यक्षता आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रबन्धक समिति के प्रधान मा0 दलीप सिंह आर्य ने की। विद्यालय प्र्रबन्धन समिति की ओर से मुख्य अतिथि का विशेष सम्मान किया गया । प्राचार्य मनीष घनगस ने विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और सभी का स्वागत व स्कूल प्रबन्धक रामपाल सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के संयोजक भजन उपदेशक प्रमोद चोपड़ा ने मंच संचालन किया। समारोह का शुभारंभ वैदिक प्रार्थना के साथ हुआ और राष्ट्रगान के साथ ही समारोह सम्पन्न हो गया ।
मुख्य अतिथि सांसद संजय भाटिया की धर्मपत्नी अंजू भाटिया ने कहा कि आर्य समाज ने देश को आजाद करवाने और आजाद देश को नई दिशा प्रदान करने में हमेशा ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।

इस समय आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जैसी सभी आर्य शिक्षण संस्थाएं छात्रो ंको संस्कारित शिक्षा प्रदान कर रही हैं। उन्होने कहा कि अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती ने 22 फरवरी 1856 में पंजाब के तलवान ग्राम में जन्म लेकर विश्व को वैदिक धर्म से न केवल अवगत करवाया बल्कि समाज से अंधविश्वास, अशिक्षा और अंधकार को मिटाने में अपना सारा जीवन बलिदान कर दिया। उन्होने कहा कि वैदिक धर्म के विरोधी उन्मादी अब्दुल रशीद ने स्वामी श्रद्धानन्द को 23 दिसम्बर 1926 को गोली मारकर शहीद कर दिया।

उन्होने कहा कि वैदिक धर्म के लिए स्वामी श्रद्धानन्द द्वारा किए गए प्रयासों की वे मुक्त कंठ से सराहना करती हैं। यह देश ऐसे महान राष्ट्रभक्त सन्यासियों का सदैव ऋणी रहेगा , जिन्होने अपना जीवन स्वाधीनता, स्वराज्य स्थापना, शिक्षा तथा वैदिक धर्म के प्रचार प्रसार के लिए समर्पित किया। उन्होने कहा कि स्वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाओं का प्रचार प्रसार करने के लिए उन्होने हरिद्वार में गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय की स्थापना की। यह विश्वविद्यालय आज विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।

समारोह को संबोधित करते हुए आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रबन्धक समिति के प्रधान मा0 दलीप सिंह आर्य ने कहा कि यह विद्यालय प्रतिवर्ष स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान दिवस पर उनकी जीवनी पर आधारित भाषण व गीत प्रतियोगिता आयोजित करके स्वामी विरजानन्द, स्वामी दयानन्द, स्वामी श्रद्धानन्द और संरक्षक आचार्य बलदेव जैसे सन्यासियों को याद करता है जिन्होने वैदिक धर्म और वेदों के प्रचार प्रसार में अपना जीवन समर्पित किया।

आज की प्रतियोगिताओं में विभिन्न जिलांे की दस प्रतिभागी समूहों ने भाग लिया। परिणाम इस प्रकार रहेः-

भाषण प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कृष्णपुरा की किरण पुत्र श्री रामपाल प्रथम, आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के वरूण आनन्द द्वितीय और आर्य बाल भारती स्कूल की लवली तृतीय स्थान पर रही। इसी प्रकार गीत प्रतियोगिता मेें आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रीतम सिंह प्रथम, आर्य गल्र्स पब्लिक स्कूल की याची द्वितीय और आर्य बाल भारती स्कूल की नैन्सी तृतीय स्थान पर रही। चलविजयोपहार आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पानीपत को दिया गया । इसके अतिरिक्त ऐसे बाल कलाकारों को भी सम्मानित किया गया जिन्होने प्रतियोगिता में भाग लिया लेकिन कोई स्थान प्राप्त नहीं कर पाए।

इस अवसर पर प्रबन्धक समिति के वरिष्ठ सदस्य ओमप्रकाश आर्य, देसराज वर्मा जितेन्द्र सिंह, रविन्द्र रावल, विनोद मैहला, कुशाल सहगल, नवरत्न शामिल रहे।

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