Tuesday, April 16, 2024
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अंजान लिंक से दूर रहें, बैंक खाते की जानकारी ना करें सांझा:- थाना प्रभारी

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at January 10, 2022 Tags: , , , ,


BOL PANIPAT , बापौली, 10 जनवरी (प्रीती शर्मा) : साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे है। स्कीमर लगाकर कार्ड क्लोनिंग के जरिए रकम पार करने के बाद जालसाजों ने नया तरीका ईजाद किया है। जालसाज अब प्रमुख कम्पनीयों के नाम से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाकर लोगों को गुमराह कर रहे है। इनके निशानें पर ऑनलाईन खरीददारी करने करने वाले लोग है। जालसाज अब क्यू आर कोड के जरिए बैंक खाते हैंक करने लगे है। जालसाज ऑनलाइन खरीददारी करने वालें लोगों से क्रय-विक्रय की बात फाइनल कर ऑनलाइन पेमेंट की बात कहते है। इसके बाद लोगों को वाट्सएप नम्बर पर एक लिंक पर पर क्लिक करते है। ठग लोगों के मोबाईल का क्यू आर कोड स्कैन कर खाते में रकम पार कर दे रहे है। पिछले पांच साल से साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। पहले खुद को बैंककर्मी बताकर लोगों से खाते की जानकारी लेकर ठगी की जाती थी। उसके बाद ठगों ने कार्ड क्लोनिंग शुरू की। अब तो एटीएम कार्ड लोगों की जेब में रहता है और रकम निकाल ली जाती है। साइबर अपराधी सामान्य काल की जगह वाट्सएप कॉल करते है। लोगों को भरोसा जीतने के लिए खुद को सैन्यकर्मी होने का झांसा देते है। और प्रोफाइल पर सेना की फोटो भी लगाते है। ठगी के बाद जालसाज पीड़ीत का नम्बर ब्लॉक लिस्ट में डाल देते है।

फर्जी मैसेज से रहें सतर्क

आजकल एक नए तरीके से लोगों को ठगने का काम किया जा रहा है। लोगों को मैसेज भेजे जा रहे है कि आपके पीटीएम,फोनपे,गुगल पे खाते के केवाईसी को निलंबित कर दिया गया है। उक्त ऑनलाईन कम्पनीयों के नम्बर पर जल्द से जल्द सम्पर्क करें। अन्यथा आपके खाते को 24 घंटे बाद बंद कर दिया जाएगा। इस प्रकार के मैसेज फोन पर आने पर लोगों से तुरंत दिए गए नम्बर पर सम्पर्क करते है तथा ठगों को अपने बैंक खात से सम्बंधित जानकारी दे देते है। ठग आपसें बैंक खाते की जानकारी लेकर ठगी का काम करते है।

इन तरीकों से करते है साइबर क्राइम

स्कीमर- डाटा चोरी करने के लिए डिवाइस का इस्तेमाल एटीएम के कार्ड रीडर स्लॉट में लगाकर डाटा चोरी करते है।
शोल्डर सर्फिग-इसके जरिए जालसाज आपकों मदद का झांसा देते और फिर कार्ड बदल लेते है।
हिडेन कैमरा-जालासाज एटीएम में हिडेन कैमरे लगाते है,जिसके जरिए लोगों के एटीएम की जानकारी व पिन कोड चोरी कर लेते है।
फर्जी कीबोर्ड- एटीएम के की-बोर्ड पर साईबर आपराधी फर्जी की-बोर्ड चिपका देते है। जिसपर कार्ड की सारी जानकारी आ जाती है।
मर्चट/प्वांइट आफ सेल- इससे स्वैपिंग मशीन में एटीएम कोर्ड डालनें के दौरान ठग मैगनेटिक स्ट्रिप/चिप का प्रयोग कर डाटा चोरी कर लेते है।
फिशिंग- फिशिंग के जरिए लोगों को स्पैम ई-मेल कर गोपनीय डाटा चोरी की जाती है।

ऐसे बरतें सावधानी

पुलिस ने साइबर ठगों से बचनें के लिए एडवाइजरी जारी की है। सनौली खुर्द थाना प्रभारी रामनिवास ने बताया कि स्किमर का पता लगाना आसान है। एटीएम मशीन का उपयोग करने से पहलें एटीएम मशीन की अच्छी तरह जांच कर लें। मशीन पर कार्ड रीडर वाला सेक्शन सामान्य से ज्यादा उभरा मिल सकता है। ऐसा उसके साथ छेड़छाड़ के कारण होता है। अगर एटीएम पर कीपेड बेंढगी तरह से निकला हुआ प्रतीत हो तो उसकी जांच करें,यह नकली हो सकता है। अगर मशीन पर कार्ड रीडर ढीला लगा हो तो उस मशीन का प्रयोग करने से बचें। साथ ही जब भी एटीएम पिन को दर्ज करें तो उसे ढक लें। बैंक ट्रंाजेक्शन की तुरंत जानकारी के लिए एसएमएस अपडेट की सुविधा का इस्तेमाल करें। मोबाईल फोन या कंम्यूटर पर आए अंजान लिंक पर क्लिक ना करें। किसी भी अंजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता,एटीएम कार्ड,क्रेडिट कार्ड आदि से सम्बधिंत जानकारी सांझा ना करें। किसी को ओटीपी ना बताएं और भावुक होकर किसी के झांसे में आने से बचें।

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