मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत की भावनाओं का सम्मान कर पेश की संवेदनशीलता की मिसाल
पानीपत की गांधी मंडी स्थित जैन स्थानक पहुंचकर राजेश मुनि जी महाराज का अभिग्रह पूर्ण करवाया, लिया आशीर्वाद।
संतों के प्रति श्रद्धा, समाज की भावनाओं के प्रति सम्मान और संवाद में विश्वास की दिखाई दी झलक
BOL PANIPAT , 13 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार देर रात पानीपत की गांधी मंडी स्थित जैन स्थानक पहुंचकर जैन मुनि राजेश जी महाराज का अभिग्रह पूर्ण करवाया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री का स्वयं जैन स्थानक पहुंचना उनकी संवेदनशीलता, विनम्रता और संतों के प्रति गहरी श्रद्धा का परिचायक रहा। उन्होंने अपने आचरण से यह संदेश दिया कि किसी की भावनाओं का सम्मान करना और संवाद के माध्यम से उनका मान रखना सामाजिक जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य हैं।
उल्लेखनीय है कि 9 अक्टूबर को पानीपत के ऑरेलिया बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पहुंचना प्रस्तावित था, लेकिन उनका कार्यक्रम प्रशासनिक कारणों के दृष्टिगत रद्द हो गया था। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने से जैन मुनि राजेश जी महाराज की नाराजगी सामने आई थी। उन्होंने जल ग्रहण नहीं करने का संकल्प लिया था।
इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए स्वयं गांधी मंडी जैन स्थानक पहुंचकर जैन मुनि जी महाराज से मुलाकात की। मुख्यमंत्री का यह कदम केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि संतों की भावनाओं के प्रति सम्मान और आपसी संवाद के महत्व को दर्शाने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने इस कदम से यह भाव प्रकट किया कि सार्वजनिक जीवन में व्यस्तताओं के बावजूद सामाजिक और धार्मिक भावनाओं का सम्मान महत्वपूर्ण है। किसी की नाराजगी को दूर करने के लिए स्वयं आगे बढऩा विनम्रता, सहजता और संवेदनशील नेतृत्व का परिचायक है। मुख्यमंत्री की इस पहल से संत समाज के प्रति सम्मान, सामाजिक सद्भाव और आपसी विश्वास की भावना को बल मिला।
उनका यह कदम दर्शाता है कि संवेदनशील नेतृत्व वही जो लोगों की भावनाओं को समझे, संवाद को महत्व दे और सम्मान की भावना के साथ संबंधों को मजबूत बनाए। जैन समाज की ओर से विजय जैन, हेमंत जैन और शुभम जैन ने मुख्यमंत्री का पटका पहनाकर और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया और पानीपत में पहुंचने पर उनका धन्यवाद भी किया।

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