Monday, October 19, 2026
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नागरिको की समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता, शिकायतों को लंबित न रखें अधिकारी: अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 19, 2026 Tags: , , , , ,

प्रत्येक शिकायत की प्रकृति के अनुसार तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करना जरूरी: पुलिस अधीक्षक मेघा भूषण

समाधान शिविर में दर्ज 15 शिकायतों पर अधिकारियों ने लिया संज्ञान

जन शिकायतों के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से करें कार्रवाई

BOL PANIPAT , 19 अक्टूबर। प्रशासन का पूरा जोर समाधान शिविर में पहुंचने वाली जन शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर लगा हुआ है। इसी कड़ी में सोमवार को जिला सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 15 शिकायतें दर्ज कराई गईं। अधिकारियों ने शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान शिविर का उद्देश्य आमजन की समस्याओं को सुनना, उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करना और लोगों को राहत पहुंचाना है।

समाधान शिविर में जन शिकायतों की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि आमजन अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर समाधान शिविर में पहुंचते हैं। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे शिकायतकर्ता की बात ध्यानपूर्वक सुनें और नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

    अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि जन शिकायतों का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। समाधान शिविर केवल शिकायतें सुनने का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए एक प्रभावी व्यवस्था है। सभी विभागों के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनके विभाग से संबंधित शिकायतों पर बिना अनावश्यक देरी के कार्रवाई की जाए। प्रत्येक शिकायत का निस्तारण जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए। अधिकारियों को शिकायतों की स्थिति पर नजर रखते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आमजन को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन का प्रयास है कि लोगों को उनकी समस्याओं का उचित समाधान मिले और सरकारी व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास मजबूत हो।

    पुलिस अधीक्षक मेघा भूषण ने कहा कि समाधान शिविर में पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है। प्रत्येक शिकायत की प्रकृति के अनुसार तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करना जरूरी है। शिकायतकर्ता की बात सुनकर निष्पक्ष तरीके से मामले की पड़ताल की जानी चाहिए, ताकि किसी भी व्यक्ति को न्याय पाने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करें। जन शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है।

एसडीएम मनदीप कुमार और सीईओ डॉ किरण ने कहा कि समाधान शिविर आमजन और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस व्यवस्था के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। अधिकारियों को चाहिए कि वे शिकायतों को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि उनके समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास करें। संबंधित विभाग शिकायत के तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करें और शिकायतकर्ता को समाधान की स्थिति से अवगत कराएं।

नगराधीश टीनू पोसवाल और डीडीपीओ राजेश शर्मा ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य लोगों को सरल, सुलभ और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध करवाना है। सभी अधिकारी आपसी समन्वय से काम करते हुए यह सुनिश्चित करें कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर हो।

समाधान शिविर में अधिकारियों ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों को सुना और उनके निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से शिकायतों के समाधान पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि नागरिकों को सरकारी सेवाओं और विभागीय कार्यों से संबंधित समस्याओं के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

इस मौके पर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. किरण, नगराधीश टीनू पोसवाल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश शर्मा, डीआरओ कलब लाकड़ा, डीएचओ संदीप तथा जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता करण बहल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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