Friday, April 17, 2026
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भावान्तर भरपाई योजना से किसानों को दी जाती है सहायता : डीसी

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at April 10, 2022 Tags: , , , , ,

-जिला के किसान उठाएं इस योजना का लाभ

BOL PANIPAT , 10 अप्रैल। डीसी सुशील सारवान ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा शुरू की गई भावांतर भरपाई योजना व बागवानी बीमा योजना किसानों के लिए एक अभूतपूर्व योजना है। यह योजना किसानों को सब्जियों व फलों के भाव से जोखिम मुक्त कर उन्हें फसल का उचित दाम दिलाने में कारगर साबित हो रही है।

डीसी सुशील सारवान ने बताया कि किसानों को फसल विविधीकरण के तहत लगाई गई बागवानी फसलों में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भावान्तर भरपाई योजना व बागवानी बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। योजना के माध्यम से बागवानी खेती करने वाले किसान फसल के उत्पादन के बाद होने वाले जोखिमों को कम कर सकते हैं। ऐसे किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार फसल में लगने वाले घाटे (नुकसान ) को कम करने के लिए भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत मुआवजा व मूल्य के रूप में प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जा रही है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भावांतर भरपाई योजना के तहत आलू, फूल गोभी, गाजर, मटर, टमाटर, प्याज, शिमला मिर्च, बैंगन भिंडी, मिर्च, करेला, बंद गोभी, मूली, लहसुन व हल्दी तथा फलदार फसलें जैसे अमरूद, बेर, आम, किन्नू व चीकू आदि को सूचीबद्ध किया गया है। उन्होंने बताया कि इन सभी फसलों के संरक्षित मूल्य सरकार द्वारा पहले से निर्धारित किए गए है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा निर्धारित संरक्षित मूल्यों से कम बिक्री होने पर जो नुकसान होगा उसकी भरपाई प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को की जाएगी।

उन्होंने बताया उत्पादन से पूर्व होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत उत्पादक किसान उपरोक्त फसलों का बीमा भी करवा सकते है। योजना के अंतर्गत सब्जियों व मसालों पर 30 हजार रुपये प्रति एकड़ का बीमा किया जाएगा, जिसके लिए किसान को 750 रुपये प्रति एकड़ भुगतान करना होगा। वहीं फलों की खेती पर 1 हजार प्रति एकड़ का प्रीमियम दे कर किसान 40 हजार रुपये प्रति एकड़ का बीमा करवा सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए उत्पादक का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर रजिस्ट्रेशन होने अनिवार्य है। जिला में इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक किसान इस विषय में और अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में जिला बागवानी अधिकारी के कार्यालय में संपर्क कर सकते है।

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