एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की एमएससी फिजिक्स की पांच होनहार छात्राएं कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की मेरिट लिस्ट में छाई.
–कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की मेरिट लिस्ट में किया पहले, तीसरे, चौथे, पांचवें और छठे स्थान पर कब्ज़ा
–एसडी पीजी कॉलेज कुरुक्षेत्र विश्वविधालय से बाहर एमएससी भौतिकी को शुरू करने वाला प्रथम कॉलेज है
BOL PANIPAT, 16 अप्रैल,
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की पांच होनहार एवं प्रतिभाशाली छात्राओं ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की एमएससी फिजिक्स (भौतिकी-तृतीय सेमेस्टर) की परीक्षा में शानदार रिजल्ट प्राप्त कर मेरिट लिस्ट में न सिर्फ कुरुक्षेत्र विश्वविधालय में प्रथम स्थान पर कब्ज़ा किया बल्कि टॉप दस मेरिट लिस्ट में कॉलेज की पांच छात्राओं ने अपनी जगह बनाई । जहाँ तान्या चावला ने 414 अंक प्राप्त कर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की मेरिट लिस्ट में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले और कॉलेज का मान बढाया और दूसरे विद्यार्थियों को प्रेरणा दी वहीँ शीतल ने 355 अंक के साथ तीसरा, दिव्या ने 352 अंक के साथ चौथा, साक्षी ने 347 अंक के साथ पांचवां और काजल ने 345 अंक के साथ छठा स्थान प्राप्त किया । यह जानकारी कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने विश्वविधालय द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद दी । उनके साथ भौतिकी स्नातकोत्तर विभाग से डॉ रेणु गुप्ता, डॉ बिंदु रानी, प्रो साक्षी, प्रो दिव्या, प्रो सपना और प्रो श्वेता ने इन छात्राओं की भरपूर प्रशंसा की और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की । विदित रहे कि एसडी पीजी कॉलेज विश्वविधालय से बाहर एमएससी भौतिकी विषय को 2014 में शुरू कर पढ़ाने वाला कुरुक्षेत्र विश्वविधालय का प्रथम कॉलेज है जिससे जिले और राज्य के विद्यार्थियों को अत्यधिक लाभ हुआ है । हर्ष की बात यह है कि इस पाठ्यक्रम के प्रारम्भ होने के बाद से एमएससी भौतिकी के कितने ही विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी मेरिट लिस्ट में स्थान पाया है और इस बार का परिणाम एक बार फिर उसी उज्जवल परिपाटी का द्योतक है । इस पाठ्यक्रम के कितने ही विद्यार्थी यूजीसी नेट एवं अन्य परीक्षाओं, ऑटोमोबाइल्स, एविएशन, रिमोट सेंसिंग और कम्युनिकेशन सेक्टर में सफलता प्राप्त करके उच्च स्थाओं को सुशोभित कर रहे है ।
दिनेश गोयल प्रधान ने अपने सन्देश में कहा कि तान्या चावला, शीतल, दिव्या रानी, साक्षी और काजल ने बेटी बचाओ-बेटी पढाओ के नारे को प्रासंगिक कर दिखाया है । पाँचों छात्राओं ने जो मिसाल कायम की है वह दूसरे विद्यार्थियो के लिए एक नजीर बनेगी । एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी अपने हर विद्यार्थी के उज्जवल भविष्य को लेकर पूरी तरह दृढसंकल्प है और यहाँ के विद्यार्थी नैतिक एवं व्यवहारिक शिक्षा पाकर समाज और मानवता की सेवा करे यही उनकी कामना है । उन्होनें कहा कि आज के प्रतियोगी युग में सफल होने के लिए वृहद् एवं व्यावहारिक ज्ञान का होना बहुत जरुरी है । इन छात्राओं की सफलता के लिए उन्होनें पूरे स्नातकोत्तर विभाग के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि कॉलेज में एमएससी फिजिक्स कोर्स को शुरू करवाने के लिए कॉलेज प्रबंधकारिणी ने अथक प्रयास किये है और एमएससी फिजिक्स के विद्यार्थियों ने भी कॉलेज को बिलकुल भी निराश नहीं किया है और प्रत्येक सेमेस्टर में सदैव अच्छा प्रदर्शन किया है । तान्या चावला, शीतल, दिव्या, साक्षी और काजल ने मेहनत और लगन के बल पर यूनिवर्सिटी की मेरिट लिस्ट में स्थान पाकर कॉलेज का मान बढाया है । एसडी कॉलेज खेल-कूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में तो आगे है ही साथ ही शैक्षणिक गतिविधियों में भी उसे उच्च स्थान प्राप्त है । यूनिवर्सिटी की मेरिट लिस्ट में कॉलेज की पांच छात्राओं का एक साथ जगह बनाना एक असाधारण बात है । यह एक विलक्षण अपलब्धि है जिस पर कॉलेज गर्व का अनुभव करता है । उन्होनें भौतिकी विभाग के सभी प्राध्यापकों और एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी की ह्रदय से प्रशंसा की । भौतिकी विषय में निपुणता प्राप्त करने वालो के लिए करियर में बहुत सारे विकल्प मौजूद है । कॉलेजों, विश्वविधालय और संस्थानों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तो है ही साथ ही अनुसंधान और तकनीक के क्षेत्र में भी कितने ही आयाम इस विषय को उपलब्ध है । आज अनेक क्षेत्रों में हो रही प्रगति के पीछे भौतिकी विषय और इसके वैज्ञानिकों की मेहनत और समर्पण का हाथ है । इसी की वजह से आज नई-नई तकनीकें विकसित हो पा रही है जो हमारे जीवन को सुगम बना रही हैं ।
डॉ रेणु गुप्ता विभागाध्यक्ष ने कहा कि ऐसे विद्यार्थी जहाँ एक तरफ प्रोफेसर या टीचर बनकर दूसरों को भी विज्ञान के प्रति जागरूक कर सकते हैं तो दूसरी तरफ रिसर्चर बनकर ब्रह्मांड और देश-दुनिया के अनसुलझे रहस्यों की गुत्थियाँ भी सुलझा सकते हैं । आजकल इंडस्ट्रीस जैसे ऑटोमोबाइल्स, एविएशन, रिमोट सेंसिंग और कम्युनिकेशन आदि में भी भौतिकी विषय का भविष्य बहुत ही शानदार हैं ।
तान्या चावला ने अपनी उपलब्धि पर कहा कि उनके माता-पिता ने सदैव उन्हें पढने के लिए प्रेरित किया है जिसकी बदौलत ही ऐसा परिणाम आया है । वे भविष्य में इसी विषय की प्राध्यापिका बनना चाहती है । दिव्या रानी, शीतल, साक्षी और काजल के अभिभावकों ने कहा कि उन्हें कभी अपनी बेटियों से पढाई के मामले में निराशा नहीं मिली है और उन्हें अपनी बेटियों पर बहुत गर्व है । पाँचों छात्राओं ने अपनी कामयाबी का सेहरा अपने माता-पिता, कॉलेज प्रबंधकारिणी, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और अपने प्राध्यापकों डॉ डॉ रेणु गुप्ता, बिंदु रानी, प्रो साक्षी, प्रो दिव्या, प्रो सपना और प्रो श्वेता को दिया ।

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