एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में ‘टैली एसेंशियल प्राइम’ डिप्लोमा कोर्स के सफल विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट्स देकर किया गया सम्मानित
-इनोवेटिव कंप्यूटरस अकेडमी पानीपत के सहयोग से विद्यार्थियों को किया गया प्रशिक्षित
-विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना है इस कोर्स का उद्देश्य: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 02 सितम्बर. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में बीए, बीकॉम और बीएससी कर रहे विद्यार्थियों के लिए शुरू किये गए ‘टैली एसेंशियल प्राइम’ के चौथे बैच के सफल 25 छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और कोर्स की प्रभारी डॉ दीपा वर्मा ने सर्टिफिकेट्स देकर सम्मानित किया और उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दिया । विदित रहे कि ‘टैली एसेंशियल प्राइम’ के लेवल एक, दो और तीन का कोर्स कॉलेज में शुरू किया गया है । आज लेवल एक के सफल 25 विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट दिए गए । इस कोर्स को सुचारू रूप से चलाने के लिए पानीपत स्थित इनोवेटिव कंप्यूटरस अकेडमी और इसके सीए का विशेष सहयोग रहा । टैली बेंगुलुरु द्वारा जारी किये गये सर्टिफिकेटस और मात्र पंद्रह सौ रूपये की फीस में विद्यार्थियों को बहुत यह डिप्लोमा कोर्स को करवाया गया जिसकी प्रभारी डॉ दीपा वर्मा रही । इस कोर्स की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि डिप्लोमा कोर्स के लिए विद्यार्थियों से मात्र
1500 रुपये लिए लिए गए जबकि इस कोर्स की आमतौर पर फीस 20 हजार से भी ज्यादा होती है । इस कोर्स को शुरू करने का उद्देश्य विद्यार्थियों, विशेष रूप से उन छात्र-छात्राओं को जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें खुद के व्यवसाय या एकाउंटिंग के कार्य करने हेतू प्रेरित करना है । वर्तमान में टैली का कोर्स सिखने के बाद अपार संभावनाओं के द्वार खुल जाते है ।
पढ़ाई के साथ यदि विद्यार्थियों के स्किल का भी विकास हो जाए तो भविष्य में ऐसे छात्र-छात्राएं न सिर्फ खुद रोजगार पाते है बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने योग्य बन जाते है । पढ़ते समय ही यदि खुद की कमाई होने लगे तो ऐसी कमाई से न सिर्फ विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और सम्मान बढ़ता है बल्कि वे जीवन में खुद को स्थापित कर पाते है । कॉलेज के प्राध्यापकों एवं अन्य सफल एक्सपर्ट्स के मार्गदर्शन में इन 25 विद्यार्थियों को स्टार्ट अप इंडिया और कौशल विकास जैसी स्कीमों के माध्यम से अपने हुनर को निखारने का मौका मिला है । लेवल एक डिप्लोमा कोर्स में सफल विद्यार्थियों को टैली कोर्स की एक वर्ष की सदस्यता भी नि:शुल्क दी गई । डिप्लोमा कोर्स में बेसिक्स ऑफ़ एकाउंटिंग, एकाउंटिंग के सिद्धांत, जनरल लैज़र, बैलेंस शीट्स, जीएसटी, इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग आदि विषयों पर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया ।
प्रधान दिनेश गोयल ने कहा कि कौशल विकास को छात्राओं के मध्य पहुंचाने के लिए प्रबंधन पूरी तरह प्रतिबद्ध है । इसके लिए जो भी प्रशिक्षण, प्रशिक्षक, विषय एक्सपर्ट चाहिए उसका प्रबंध अवश्य किया जायेगा । विद्यार्थियों के आत्मनिर्भर, विकास और भविष्य निर्माण में आर्थिक व्यय को कभी आड़े आने नहीं दिया जाएगा । प्रबंधन प्रत्येक विद्यार्थी के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करता है । इस
डिप्लोमा कोर्स के लेवल एक के कामयाबी से पूरा होने पर सभी को बधाई । प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि ‘टैली एसेंशियल प्राइम’ डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत कॉलेज इतिहास में विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी । इस कोर्स को शुरू करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना है और उन्हें खुद कमाई करने के लिए प्रौत्साहित करना है । विद्यार्थियों को भी चाहिए कि वे अपनी छुपी हुई प्रतिभा और हुनर के अनुरूप स्टार्ट अप इंडिया जैसी स्कीमों के माध्यम से इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएं । विद्यार्थियों को दूसरों पर निर्भर न रहकर आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनना चाहिए । जॉब लेने की बजाये उन्हें जॉब देने वाला बनना चाहिए । ‘टैली एसेंशियल प्राइम’ सॉफ्टवेयर का सफल प्रशिक्षण औद्योगिक नगरी पानीपत की मांग के हिसाब से बहुत ही सार्थक सिद्ध होगा । डॉ दीपा वर्मा ने कहा कि टैली कोर्स को सीखकर हम बहुत ही आसानी के साथ निजी क्षेत्र में नौकरी पा सकते है । पानीपत शहर वैसे भी उद्योगों का शहर है । बढ़ते खर्चों के कारण आज के युवा को भी जल्दी पैसे कमाने की जरूरत होती है और ऐसे में यह कोर्स उनकी बहुत मदद कर सकता है । जो विद्यार्थी पढने के साथ-साथ अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाना चाहते है तो उनके लिए टैली को सीखना बहुत ही फायदेमंद हो सकता है । टैली के बाद हम किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहाँ पर या फिर किसी वकील के पास जाकर काम कर सकते है । टैली को सीखने के बाद हम किसी व्यवसायी या किसी दुकानदार को भी अपनी सेवाएं दे सकते है ।

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