समाधान शिविर की शिकायतों के निस्तारण में नहीं होनी चाहिए देरी : उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया
-अतिरिक्त मुख्य सचिव ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक
-संबंधित विभाग शिकायतकर्ताओं से फोन पर शिकायत के समाधान से संबंधित ले जानकारी
-शिकायतकर्ताओं की समस्या के समाधान पर उनके हस्ताक्षर लेना सुनिश्चित करें अधिकारी
BOL PANIPAT , 26 दिसंबर। हरियाणा सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने शुक्रवार को समाधान शिविरों में दर्ज शिकायतों की स्थिति को लेकर प्रदेश भर के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक के दौरान उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि समाधान शिविरों में शिकायतकर्ताओं द्वारा दी जा रही समस्याओं के समाधान को लेकर जिला प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।
डॉ. दहिया ने कहा कि समाधान शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए लगाए जा रहे हैं और इनमें दर्ज किसी भी शिकायत के समाधान में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन विभागों से संबंधित शिकायतें समाधान शिविर में दर्ज हुई हैं, उनका समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या देरी के लिए संबंधित विभाग स्वयं जिम्मेदार होंगे।
डॉ. दहिया ने कहा कि समाधान शिविरों की निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री नायब सिंह कर रहे हैं, ऐसे में सभी अधिकारी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही प्रशासन की प्राथमिकता है और हर शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाना चाहिए।
इसके उपरांत नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ अलग से समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता को फोन के माध्यम से शिकायत की स्थिति की जानकारी दी जाए और समस्या के समाधान के बाद ही शिकायत को डीजॉल्व किया जाए। साथ ही शिकायत के समाधान के बाद शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर लेना अनिवार्य किया जाए। रि-ओपन होने वाली शिकायतों पर विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर एसडीएम इसराना नवदीप नैन, डीएसपी सतीश वत्स, नायब तहसीलदार सौरभ शर्मा, पशुपालन विभाग के डॉक्टर अशोक, डॉक्टर प्रज्ञा (ई एसआई), फिशरी विभाग से मदन मोहन, एसडीओ सुबेसिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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