एचटेट परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, सभी परीक्षा केंद्रों पर तैयारियां पूरी: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
सुरक्षित वातावरण में परीक्षा संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध: पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह
निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क
स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का होगा पालन
BOL PANIPAT , 1 जुलाई। हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को इस संदर्भ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जानकारी दी कि सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं तथा अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। पूरी परीक्षा एसओपी अनुसार होगी। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, अव्यवस्था या व्यवधान की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एसओपी का गहन अध्ययन कर उसी के अनुरूप अपनी जिम्मेदारी निभाए।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पेयजल, बिजली, शौचालय, बैठने की उचित व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यदि किसी केंद्र पर किसी प्रकार की कमी है तो उसे परीक्षा से पहले तुरंत दूर किया जाए। सभी केंद्रों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी अभ्यर्थी को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, बायोमीट्रिक सत्यापन, पुलिस तैनाती, ट्रैफिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से समीक्षा की गई। परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता बनाए रखने तथा मीडिया संबंधी निर्धारित दिशा-निर्देशों का भी कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि एचटेट परीक्षा दो दिनों तक आयोजित होगी, इसलिए सभी विभाग पूरी गंभीरता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं। सभी परीक्षा केंद्रों का अंतिम निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की दोबारा जांच की जाए। प्रत्येक केंद्र पर एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित रहे तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी पूरी तरह तैयार रहें। किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है। डायल-112 की सेवाओं का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा। यदि कोई अभ्यर्थी रास्ते में किसी परेशानी या ट्रैफिक जाम के कारण परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई महसूस करता है तो पुलिस और प्रशासन मानवता के आधार पर उसकी हरसंभव सहायता करेंगे, ताकि कोई भी पात्र अभ्यर्थी केवल परिवहन संबंधी समस्या के कारण परीक्षा से वंचित न रहे।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि परीक्षा को नकलमुक्त और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरों, बायोमीट्रिक सत्यापन और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जाएगी। कानून-व्यवस्था भंग करने या परीक्षा की पवित्रता प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक व्यवस्था को भी सुचारु रखा जाएगा ताकि परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई कठिनाई न हो।
बैठक में एडीसी अंकित चौकसे, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. किरण सिंह, नगराधीश टीनू पोसवाल, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, सिविल सर्जन डॉ. विजय मलिक, जीएम रोडवेज विक्रम कंबोज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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