आभा आईडी हर नागरिक की डिजिटल स्वास्थ्य पहचान, इसे बनवाने में लापरवाही न करें: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार
आभा आईडी में सुरक्षित रहेगी स्वास्थ्य संबंधी पूरी जानकारी, इलाज में मिलेगी सुविधा
आभा आईडी की हो नियमित मॉनिटरिंग
सरकारी और निजी अस्पतालों में आभा आईडी को बढ़ावा देने पर जोर
BOL PANIPAT , 30 सितंबर। जिला सचिवालय सभागार में बुधवार को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आयोजित जिला स्तरीय हितधारक कार्यशाला में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने आभा आईडी को लेकर अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने और इसके प्रति आम व्यक्ति को जागरूक करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त डॉ. हरीश ने कहा कि आभा आईडी प्रत्येक नागरिक की डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी आभा आईडी बनाने और इसके उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि आभा आईडी के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो सकती है। इससे मरीज को बार-बार अपनी पुरानी जांच रिपोर्ट और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साथ लेकर चलने की आवश्यकता कम होगी तथा चिकित्सकों को भी मरीज के उपचार से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
उपायुक्त ने कहा कि आभा आईडी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक व्यवस्थित, सुविधाजनक और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आभा आईडी बनाने के कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और सरकारी तथा निजी स्वास्थ्य संस्थानों में इसकी प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए।
उपायुक्त ने कहा कि अस्पतालों में आने वाले नागरिकों को आभा आईडी के लाभों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका उपयोग कर सकें। डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि आभा आईडी केवल एक डिजिटल नंबर नहीं है, बल्कि नागरिक की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने का माध्यम है। इसमें मरीज की स्वास्थ्य हिस्ट्री डिजिटल रूप में उपलब्ध होने से भविष्य में उपचार के दौरान चिकित्सकों को आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में सुविधा मिल सकती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में जनजागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि श्रमिकों सहित सभी वर्गों के नागरिकों को अपनी आभा आईडी बनवानी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि कार्यस्थलों, अस्पतालों और अन्य स्थानों पर लोगों को आभा आईडी के संबंध में जानकारी दी जाए तथा उन्हें डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाए।
सीएमओ डॉ. विजय मलिक ने कहा कि आभा आईडी डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी और स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से लोगों को आभा आईडी बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में आभा आईडी के उपयोग और इसके महत्व के बारे में मरीजों को जानकारी देने पर भी जोर दिया।
उन्होंने बताया कि आभा आईडी बनवाने के लिए आधार नंबर और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है तथा इसके माध्यम से नागरिक डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि आभा आईडी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस अवसर पर डॉ. अमित, डॉ. प्रज्ञा, डॉ. सुरभी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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