समाधान प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने उपायुक्त के कार्यों की कि सराहना
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
शिकायत निवारण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें अधिकारी, सफाई व्यवस्था पर भी रखें पैनी नजर
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर पानीपत प्रशासन अलर्ट, शिकायत निवारण के साथ स्वच्छता व्यवस्था की नियमित निगरानी पर जोर
BOL PANIPAT , 9 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में समाधान प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक में जिले में शिकायत निवारण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिकायतों के निवारण में पानीपत अच्छा कार्य कर रहा है। समाधान के मामले में पानीपत दूसरी स्थान पर यह बहुत खुशी की बात है। जिले में अच्छा कार्य हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों को सफाई अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए, ताकि स्वच्छता व्यवस्था में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पानीपत समस्याओं में भी आगे है और समाधान में भी दूसरे नंबर पर है। उन्होंने उपायुक्त कि इस कार्य के लिए प्रशंसा की। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जिला प्रशासन नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई हो और शिकायतकर्ता को समयबद्ध तरीके से राहत मिले। शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जा रही है।
उपायुक्त ने कहा कि शिकायत का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नागरिक की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए। इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों की गंभीरता को समझें, तथ्यों की जांच करें और की गई कार्रवाई की स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यदि कोई शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो उसकी समस्या की दोबारा समीक्षा कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि शिकायत निवारण व्यवस्था में नागरिकों की संतुष्टि का विशेष महत्व है। प्रशासन का उद्देश्य लोगों का सरकारी व्यवस्था पर विश्वास मजबूत करना और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी से बचाना है। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित निगरानी आवश्यक है।
स्वच्छता अभियान के संबंध में उपायुक्त ने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए तथा जहां भी कमी मिले, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए। सार्वजनिक स्थलों, सडक़ों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता सुनिश्चित करने के साथ नागरिकों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से आह्वान किया कि वे जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दें, शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न करें और मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर निगम आयुक्त डॉक्टर पंकज यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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