संत निरंकारी समागम में सुरक्षा के मद्देनजर लगाए गए 600 सीसीटीवी कैमरे, एक लाख स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
79वें संत निरंकारी संत समागम की तैयारियां अंतिम चरण में, प्रशासन अलर्ट
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, समन्वय से कार्य करने के निर्देश
23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होगा संत समागम, 20 लाख के करीब श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
BOL PANIPAT ,19 अक्टूबर। 79वें संत निरंकारी संत समागम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 23 से 26 अक्टूबर तक भोड़वाल माजरी में आयोजित होने वाले इस विशाल संत समागम में करीब 20 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, परिवहन और साफ-सफाई सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सोमवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों और संत समागम से जुड़े पदाधिकारी के साथ
भोड़वाल माजरी समागम स्थल पर समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए।
बैठक के बाद उपायुक्त ने सभा स्थल का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
ग़ौरतलब है कि
करीब 700 एकड़ में फैले समागम स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। परिसर को चार हिस्सों में विभाजित किया गया है और 42 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। अलग-अलग पार्किंग स्थलों को विशिष्ट नाम दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को अपने वाहन खड़े करने में परेशानी न हो। हिमाचल प्रदेश और अन्य क्षेत्रों से आने वाली बसों के लिए अलग स्टॉपेज बनाया गया है। सरकारी अधिकारियों के वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा के लिए 600 सीसीटीवी कैमरे, एक लाख स्वयंसेवक तैनात
विशाल जनसमूह की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए समागम क्षेत्र में की गई है। इसके अतिरिक्त करीब एक लाख स्वयंसेवकों को व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए लगाया गया है। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रखने के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है तथा प्रमुख स्थानों पर दिशा-सूचक बोर्ड लगाए गए हैं। पुलिस पोस्ट भी स्थापित की गई हैं, ताकि किसी भी परिस्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण ने बताया कि समागम के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी दिन और रात की दो अलग-अलग शिफ्टों में लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपनी ड्यूटी का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करना होगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
समागम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चार लंगरों की व्यवस्था की गई है, जबकि परिसर में 22 कैंटीन भी संचालित होंगी। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए 10 फायर टेंडर उपलब्ध रखने की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 110 बेड का अस्पताल तैयार है। इसके अलावा प्रतीक्षालयों की साफ-सफाई, बिजली की निर्बाध आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था और परिवहन सेवाओं को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं को वाई-फाई कूपन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समागम से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। किसी भी विभाग की ओर से लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी अधिकारी आपसी तालमेल बनाए रखते हुए कार्य करें। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारू आवागमन प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, सीएमओ डॉ. विजय मलिक, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीएसपी सुरेश सैनी, जीएम रोडवेज विक्रम कंबोज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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