1 किलो 136 ग्राम चरस तस्करी मामले में एक सप्लायर को हिमाचल प्रदेश के कसौल से गिरफ्तार किया
BOL PANIPAT , 24 सितंबर। पानीपत पुलिस नशा तस्करों को काबू कर नशे की तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने में लगी है। इसी कड़ी में एंटी नारकोटिक्स सेल पुलिस टीम ने 1 किलो 136 ग्राम चरस तस्करी के मामले में सप्लायर को हिमाचल प्रदेश के कसौल से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान सौरभ पुत्र शिव शंकर निवासी लालचंदपुरा जयपुर राजस्थान हाल कसौल कुल्लू हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है।

एंटी नारकोटिक्स सेल इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि उनकी टीम ने गत शनिवार को दो आरोपी दीपक बहादुर पुत्र मन बहादुर निवासी कसौल मणिकरण कुल्लू हिमाचल प्रदेश तथा रामकुमार घर्ती पुत्र ओम बहादुर निवासी निसी वागलूड नेपाल को समालखा अड्डे के बाहर 1 किलो 136 ग्राम चरस सहित गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों आरोपियों से खुलासा हुआ था कि उन्होंने कुछ दिन पहले 2 किलो 50 ग्राम चरस शॉर्टकट तरीके से मोटे पैसे कमाने के लिए कम कीमत पर खरीदी थी। आरोपियों ने इसमें से 1 किलो 800 ग्राम चरस दिल्ली निवासी एक युवक से और 250 ग्राम चरस सौरभ पुत्र शिव शंकर निवासी लालचंद पुरा जयपुर राजस्थान हाल कसौल कुल्लू हिमाचल प्रदेश से खरीदना स्वीकार किया था।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने कुछ चरस दिल्ली में राह चलते अज्ञात नशा करने वालों को बेच दी थी और शनिवार को बची 1 किलो 136 ग्राम चरस को बेचने की फिराक में दिल्ली से पानीपत आए थे। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना औद्योगिक सेक्टर-29 में एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर 8 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। दोनों आरोपियों रिमांड के दौरान सघंन पूछताछ के साथ सप्लायर की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए गए थे।
इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर बुधवार को आरोपी सौरभ को कसौल हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने दोनों आरोपियों को 250 ग्राम चरस बेचना स्वीकार किया। आरोपी ने नशा बेचकर हासिल की गई नकदी खाने-पीने में खर्च कर दी। पुलिस ने बुधवार को पूछताछ के बाद आरोपी सौरभ को माननीय न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
आरोपी दीपक बहादुर व रामकुमार घर्ती से रिमांड के दौरान कड़ाई से पूछताछ करने के साथ ही दूसरे सप्लायर की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।

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