श्राद्ध अमावस्या पर गोवंश की सुरक्षा को लेकर पशुपालन विभाग की अपील
BOL PANIPAT , 8 अक्टूबर। श्राद्ध अमावस्या के अवसर पर गोवंश की सुरक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य को लेकर पशुपालन विभाग ने नागरिकों एवं गोभक्तों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा कि श्रद्धा एवं आस्था के साथ गोसेवा करते समय गोवंश के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

पशु चिकित्सक डॉ. योगिता रानोलिया ने बताया कि श्राद्ध के दौरान लोग गोवंश को खीर, पूरी, हलवा एवं अन्य खाद्य सामग्री खिलाते हैं, लेकिन अत्यधिक मात्रा में तला-भुना, मसालेदार या भारी भोजन खिलाने से पशुओं में अपच, अफारा, एसिडोसिस एवं पेट संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कई बार ऐसी स्थिति पशु के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि गोवंश को ताजा एवं पौष्टिक हरा चारा, सूखा चारा और संतुलित मात्रा में दाना देना अधिक लाभकारी है। साथ ही पशुओं के लिए हर समय स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध होना चाहिए। बासी, सड़ा-गला या फफूंद लगा भोजन तथा प्लास्टिक और पॉलीथिन युक्त सामग्री गोवंश को बिल्कुल नहीं खिलानी चाहिए।
उन्होंने नागरिकों से यह भी अपील की कि सडक़ों एवं सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले गोवंश को प्लास्टिक, पॉलीथिन और कचरा खाने से बचाने में सहयोग करें। यदि किसी पशु में भूख न लगना, पेट फूलना, सुस्ती, दस्त, बेचैनी या अन्य बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
पशुपालन विभाग ने अपील की है कि श्राद्ध अमावस्या पर गोसेवा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रहे, बल्कि गोवंश के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए। सही एवं पौष्टिक आहार देना, स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाना और पशुओं को प्लास्टिक व कचरे से बचाना ही सच्ची गोसेवा है।

Comments