गरीब और जरूरतमंद की जिंदगी बदल सकती है बैंकिंग योजनाओं की मदद से: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
बैंकिंग योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना प्राथमिकता
बैंकर पेंडिंग आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर करें निपटारा
योजनाओं का नियमित प्रचार-प्रसार कर पात्र लोगों को दिलाएं लाभ
BOL PANIPAT , 6 अक्टूबर। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बैंकर्स को निर्देश दिए कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बैंकिंग योजनाओं के माध्यम से किसी गरीब, किसान, महिला, युवा या छोटे उद्यमी की जिंदगी में बड़ा बदलाव आ सकता है। इसलिए पात्र व्यक्ति को लाभ देने में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उपायुक्त मंगलवार को जिला सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में पंजाब नेशनल बैंक के लीड बैंक कार्यालय की ओर से आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में बैंकों के प्रदर्शन, प्राथमिकता क्षेत्र, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों, एमएसएमई, सरकारी प्रायोजित योजनाओं तथा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और ऋण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि बैंक केवल ऋण उपलब्ध करवाने वाली संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि आमजन की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से गरीब, किसान, महिला, युवा, छोटे उद्यमी और जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। ऐसे में बैंकर्स की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।
उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि कई बार ऐसे लोग भी अपनी समस्याएं लेकर प्रशासन के पास आते हैं, जिनकी कहीं सुनवाई नहीं हो पाती। ऐसे लोगों की समस्या का समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि किसी बैंकिंग योजना के माध्यम से किसी परिवार को स्वरोजगार, व्यवसाय, कृषि या अन्य आर्थिक गतिविधि के लिए सहायता मिलती है तो इससे उस परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है। इसलिए बैंकर्स प्रत्येक लंबित आवेदन पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उसका नियमानुसार शीघ्र समाधान करें।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि बैंकों से संबंधित किसी भी प्रकार की पेंडेंसी को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। जिन आवेदनों में दस्तावेज या अन्य औपचारिकता पूरी करने की आवश्यकता है, आवेदक को इसकी जानकारी देकर प्रक्रिया पूरी करवाने में सहयोग किया जाए। पात्र मामलों में समयबद्ध तरीके से ऋण अथवा योजना का लाभ उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना, पीएम स्वनिधि, स्टैंड-अप इंडिया सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं की जानकारी केवल बैंक शाखाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि गांवों और शहरों में आम नागरिकों तक पहुंचाई जानी चाहिए। इसके लिए जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं तथा लोगों को योजनाओं की पात्रता और लाभ लेने की प्रक्रिया के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी जाए। उन्होंने वित्तीय साक्षरता और डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने पर भी जोर देते हुए कहा कि आमजन को डिजिटल भुगतान, बैंकिंग सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से जिला सचिवालय में विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए पोर्टल तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को योजनाओं, पात्रता और लाभ लेने की प्रक्रिया की जानकारी आसानी से उपलब्ध करवाना है। बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, एमएसएमई, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि अवसंरचना, ग्रामीण अवसंरचना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, वित्तीय साक्षरता केंद्र, आधार नामांकन केंद्र, आरसेटी तथा बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी बैंकर्स को निर्देश दिए कि उनके स्तर पर लंबित मामलों पर तत्काल कार्रवाई करें और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में बैंक की सहायता महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, इसलिए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचाना बैंकर्स की प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में चंडीगढ़ से एलडीएम जितेंद्र, पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. श्री भगवान, नाबार्ड से रितु, पंजाब नेशनल बैंक से अनिल मलिक सहित विभिन्न बैंकों एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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