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ब्रह्माकुमारीज़ ने ज्ञान मानसरोवर में मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

By LALIT SHARMA , in RELIGIOUS , at June 21, 2022 Tags: , , , ,

-योग और योगा में बताया अंतर

BOL PANIPAT : ब्रह्माकुमारीज़ की पानीपत सर्कल इंचार्ज राजयोगिनी सरला बहन ने जानकारी देते हुए बताया कि हर बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ताऊ देवी लाल पार्क में निरन्तर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है।इस बार बारिश के मौसम की वजह से ज्ञान मानसरोवर, थिराना में यह कार्यक्रम रखा गया।

सुबह 5बजे सैकड़ों की संख्या में ब्रह्मा वत्सों ने इकट्ठे होकर योग और योगा दोनों का अभ्यास किया।इस मौके पर ज्ञान मानसरोवर निदेशक बीके भारत भूषण भाई, बीके सुनीता बहन, बीके कविता और बिंदु बहन के अलावा ब्रह्माकुमारीज़ की स्थानीय सभी वरिष्ठ बीके बहनें उपस्थित रही।

कार्यक्रम की शुरुआत में 11 बीके बहनों ने मंच पर सामने बैठ मेडिटेशन के द्वारा पूरे विश्व मे शांति के प्रकम्पन्न फैलाये।कार्यक्रम की अध्यक्षा राजयोगिनी सरला बहन जी ने कहा की योग भारत की सबसे प्राचीन पद्धति है। गीता शास्त्र में भी योग का वर्णन है। योग से आध्यात्मिक स्वस्थता आती है अर्थात् मन को शक्ति व शांति मिलती है।

बीके भारत भूषण ने बताया कि योग के बाद ही यह योगा व प्राणायाम आदि चलन में आया है। और इसकी जरूरत भी थी क्योंकि सतयुग त्रेता युग में बीमारियां नहीं थी तो वहां योगा की आवश्यकता भी नहीं थी। लेकिन आज के दूषित वातावरण में हर इंसान कोई न कोई बीमारी से पीड़ित है, ऐसे में शारीरिक स्वास्थ्य हेतु योगा का भी हमारे जीवन मे बहुत महत्व है।

बीके सुनीता बहन ने कहा कि योग को ब्रह्माकुमारीज में राजयोग के नाम से जाना जाता है। अगर हम नित प्रतिदिन राजयोग का अभ्यास करते हैं तो इससे आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है और मन मे शांति आती है।बीके बिंदु ने बताया कि सम्पूर्ण स्वस्थ जीवन जीने के लिए, या कहें कि तन और मन को दुरुस्त करने के लिए योग और योगा (प्राणायाम) दोनों बहुत फायदेमंद है।

ने बताया कि हमारे संकल्प, विचार एवं भावनाओं का हमारे शरीर के ऊपर गहरा प्रभाव पड़ता है, यह बात मेडिकल साइंस ने भी अब स्वीकार कर ली है।इस मौके पर जश्मेर सिंह एल्डिगो से विशेष प्राणायाम कराने पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ठीक रखना हमारे हाथ मे हैं। अपने शारीरिक स्वास्थ्य के लिए कुछ समय जरूर निकालें। हमारा भोजन बहुत हल्का और पौष्टिक हो, साथ मे ध्यान रहे कि कभी भी ज्यादा मसालेदार भोजन स्वीकार न करें।मंच का संचालन ब्रह्माकुमारी ममता बहन ने किया।

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