Tuesday, October 6, 2026
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मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें, समय रहते विशेषज्ञ की सलाह लें: तेजेंद्र सूरी

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 6, 2026 Tags: , , , ,

नींद में व्यवधान, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी को गंभीरता से लें: डॉ. निर्णय सचदेवा

BOL PANIPAT , 6 अक्टूबर। देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग की ओर से आईक्यूएसी, एंटी टोबैको सेल तथा हेल्पिंग हार्ट सेल के संयुक्त तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ मानसिक तनाव एवं उससे जुड़ी समस्याओं के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान के प्रति संवेदनशील बनाना रहा।

कार्यक्रम की मुख्य व्याख्याता काउंसलर एवं साइकोथैरेपिस्ट तथा यास्ता ऑर्गेनाइजेशन की संस्थापक तेजेंद्र सूरी रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही महत्व देना आवश्यक है। मानसिक समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते उचित परामर्श और सहायता लेना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक तनाव कम करने के लिए विभिन्न अभ्यास भी करवाए तथा कोहरन ब्रीदिंग और फायर ब्रीदिंग जैसी एक्सरसाइज कराईं।

इस अवसर पर एमबीबीएस, एमडी एवं न्यूरोसाइकियाट्रिस्ट डॉ. निर्णय सचदेवा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित प्रारंभिक लक्षणों की जानकारी देते हुए कहा कि नींद में व्यवधान, अत्यधिक सोचना, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी तथा व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को आवश्यकता पडऩे पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष रूबल संधू ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।

  उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। व्याख्यान के दौरान मानसिक स्वास्थ्य के प्रारंभिक लक्षण, नींद में व्यवधान, अत्यधिक सोचना, चिड़चिड़ापन, तनाव, डोपामिन तथा जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को संतुलित दिनचर्या अपनाने, पर्याप्त नींद लेने, नियमित शारीरिक गतिविधि करने, सकारात्मक सोच रखने तथा आवश्यकता पडऩे पर मनोवैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की संयोजक मनोविज्ञान विभाग की प्राध्यापिका सुनीता चांद रहीं। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन डॉ. दीप्ति गाबा ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुमित्रा विज, सोनिया, डॉ. बृजेश बरार, रीना, ज्योति, मंजू सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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