ऊर्जा संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं बल्कि समय की अनिवार्यता : उपायुक्त डॉक्टर विरेंदर कुमार दहिया
-ऊर्जा बचत को बनाए अपनी दिनचर्या का हिस्सा
-उजाला योजना के तहत एलईडी बल्बों को किफायती दरों पर कराया जा रहा उपलब्ध
-ऊर्जा संरक्षण योजनाओं का नागरिक उठाएं अधिक से अधिक लाभ
BOL PANIPAT , 14 दिसंबर। राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण आज केवल एक विकल्प नहीं बल्कि समय की अनिवार्यता बन चुका है। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों को ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करना है।
उपायुक्त ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा उजाला योजना के तहत एलईडी बल्बों को किफायती दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी आई है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय सौर मिशन के माध्यम से स्वच्छ व नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
डॉ दहिया ने बताया कि ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।
डॉ. दहिया ने बताया कि राज्य सरकार भी ऊर्जा संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। हरियाणा सरकार द्वारा सौर ऊर्जा को अपनाने, सरकारी भवनों पर सोलर पैनल स्थापित करने, ऊर्जा ऑडिट तथा एलईडी स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। इससे न केवल बिजली की बचत हो रही है, बल्कि सरकारी खर्च में भी कमी आई है।
उपायुक्त डॉ दहिया ने बताया कि इन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब आमजन इनमें सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे केंद्र व राज्य सरकार की ऊर्जा संरक्षण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और ऊर्जा बचत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
उपायुक्त ने विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभाएं।
डॉ दहिया ने कहा कि राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस हम सभी को यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम ऊर्जा का संरक्षण करेंगे और सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग करेंगे।

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