अधिकारी प्रत्येक शिकायत को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ निपटाएं: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
जनता की हर शिकायत का होगा समयबद्ध समाधान, लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं
जनता समाधान शिविर में 11 शिकायतों पर हुई सुनवाई
अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
BOL PANIPAT , 27 जुलाई। हरियाणा सरकार की जनहितकारी सोच के अनुरूप आयोजित जनता समाधान शिविर में सोमवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने विभिन्न विभागों से संबंधित 11 शिकायतों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपायुक्त डॉ. हरीश ने कहा कि जनता समाधान शिविर केवल शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं, बल्कि समस्याओं के स्थाई समाधान का सशक्त माध्यम है। सरकार की मंशा बिल्कुल साफ है कि आम नागरिक को अपने अधिकारों के लिए भटकना न पड़े। अधिकारी प्रत्येक शिकायत को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ निपटाएं। समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। हर अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि पीडि़त व्यक्ति को न्याय और राहत समय पर मिले।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी आमजन में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण बनाए रखना है। जनता की प्रत्येक शिकायत हमारे लिए महत्वपूर्ण है। किसी भी फरियादी को निराश नहीं लौटाया जाएगा। पुलिस अधिकारी शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लेकर निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो।
अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि सुशासन की पहचान यही है कि नागरिक की समस्या का समाधान तय समय सीमा में हो। जनता समाधान शिविर प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी है। सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और प्रत्येक शिकायत का स्थाई एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें। हमारी कोशिश है कि हर नागरिक यह महसूस करे कि प्रशासन उसकी समस्या के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और उत्तरदाई है।
एसडीएम मनदीप ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि परिणाम देना है। प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से समीक्षा कर संबंधित विभागों को निर्धारित समय में कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। आमजन को त्वरित राहत दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नगराधीश टीनू पोसवाल ने कहा कि जनता की छोटी से छोटी समस्या भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शिकायतों का प्रभावी समाधान कराया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक फरियादी संतुष्ट होकर वापस लौटे और उसे समय पर न्याय मिले।
प्रार्थी राजेश (गांव कारद) ने शिकायत दी कि उनके घर का बिजली बिल 38 हजार भेज दिया गया है, जबकि उनके घर में केवल पंखा और कूलर जैसे सामान्य उपकरण भी नहीं हैं। उन्होंने बिल की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। महिपाल वासी (राजनगर) ने बताया कि उनके पोते का एसएलसी (स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट) अभी तक जारी नहीं किया गया है, जिससे आगे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र एसएलसी दिलाने का अनुरोध किया। प्रार्थी अंकित वासी जसवीर निवासियों ने गली में स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग करते हुए कहा कि अंधेरा होने के कारण उन्हें प्रतिदिन कठिनाइयों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का सामना करना पड़ता है। इस पर संज्ञान लिया जाए। मानसिंह वासी (फरीदपुर) ने घर के सामने लगे बिजली ट्रांसफॉर्मर को हटाने की मांग की। उनका कहना था कि ट्रांसफॉर्मर में करंट आने की आशंका बनी रहती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रार्थी सुनेत वासी शास्त्री कॉलोनी ने विधवा पेंशन बनवाने के लिए प्रशासन से अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि उनके पति का देहांत हो चुका है। वह असमर्थ है। उन्हें सरकारी योजना का लाभ मिलना चाहिए। प्रार्थी प्रवीण वासी डाहर ने बिजली का कनेक्शन कटवाने का अनुरोध किया। उन्होंने इसका ठोस कारण भी प्रशासन के समक्ष रखा। शिकायत कर्ता यशपाल ने किसी ऊँच अधिकारी के मामले की जांच फिर से करने के लिए प्रशासन से आग्रह किया।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीडीपीओ राजेश शर्मा, सीएमओ विजय मलिक, डिप्टी सीएमओ दिव्या साहनी, एलडीएम जितेंद्र के अलावा विभिन्न विभागों से अधिकारी मौजूद रहे।

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