टीबी को मात देकर रोहित बने टीबी चैंपियन, सरकारी योजनाओं ने बढ़ाया हौसला
निक्षय पोषण योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता और निक्षय मित्रों से प्राप्त पोषण किट बनी सहारा
BOL PANIPAT , 13 अक्टूबर। केंद्र और हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ उन्हें मुश्किल परिस्थितियों से लडऩे का हौसला भी दे रही हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान और निक्षय पोषण योजना से मिलने वाली सहायता इसका उदाहरण है। समालखा निवासी रोहित ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं, मुफ्त जांच, निशुल्क उपचार और पोषण संबंधी सहायता के सहारे टीबी जैसी गंभीर बीमारी से लडऩे का हौसला पाया और आज वे टीबी चैंपियन बनकर दूसरों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

रोहित बताते हैं कि अगस्त माह में उन्हें टीबी की बीमारी हुई थी। बीमारी का पता चलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उनकी निशुल्क जांच की गई। इसके साथ ही उनके उपचार पर भी कोई खर्च नहीं आया। बीमारी के दौरान पौष्टिक आहार की जरूरत को पूरा करने के लिए उन्हें निक्षय पोषण योजना के तहत एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
रोहित के अनुसार, बीमारी से लडऩे के दौरान पौष्टिक भोजन और उचित उपचार बेहद जरूरी था। ऐसे समय में सरकार की योजनाओं से उन्हें आर्थिक संबल मिला। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत निक्षय मित्रों की मदद से उन्हें निक्षय पोषण किट भी प्राप्त हुई। इससे उन्हें बीमारी से लडऩे के दौरान आवश्यक सहयोग मिला और उनका आत्मविश्वास बढ़ा।
रोहित का कहना है कि सरकार की इन योजनाओं और स्वास्थ्य विभाग से मिले सहयोग ने उन्हें टीबी जैसी बीमारी से लडऩे की ताकत दी। आज वे टीबी चैंपियन बनकर इस बात का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं कि समय पर जांच, नियमित उपचार और उचित पोषण के साथ टीबी से लडऩे की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा और उपचार में सहयोग के लिए हरियाणा सरकार तथा भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य टीबी की समय पर पहचान, मरीजों को उचित उपचार उपलब्ध करवाना और बीमारी के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से टीबी मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ उनके पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निक्षय पोषण योजना और निक्षय मित्र पहल मरीजों को उपचार के दौरान अतिरिक्त सहयोग प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि टीबी के प्रति किसी भी प्रकार का संकोच या भेदभाव नहीं होना चाहिए। टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उपचार पूरा करना चाहिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे टीबी मरीजों का सहयोग करें, उन्हें प्रोत्साहित करें और निक्षय मित्र बनकर उनके पोषण एवं उपचार की यात्रा में सहभागी बनें, ताकि सामूहिक प्रयासों से टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार किया जा सके।

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