दिव्यांगजनों का सहारा पैंशन व ऋण संबंधित योजनाएं :उपायुक्त
BOL PANIPAT ,23 अगस्त। राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए कई तरह की पेंशन व ऋण संबंधित योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर दिव्यांगजन अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं। इन योजनाओं के तहत स्कूल जाने वाले मंद बुद्धि तथा दिव्यांग बच्चों को भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। दिव्यांगजन इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अपने नजदीक के सरल पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित दिव्यांग पेंशन योजना के तहत पात्र दिव्यांगजन को 25 सौ रुपये प्रति माह कि वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसमें पात्र के पास 50 से 60 प्रतिशत का दिव्यांगता का प्रमाण पत्र होने के साथ-साथ पांच वर्ष का रिहायशी का प्रमाण पत्र के अलावा राशन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड बैंक खाते की कॉपी होनी चाहिये। इस योजना के लिए आवेदन करने वाले पात्र की आयु 18 वर्ष से उपर होनी चाहिये।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि जो बच्चे दिव्यांग हैं व स्कूल नहीं जा सकते ,उनका सरकार से विशेष तौर पर ख्याल रखा है। उनके लिए प्रति माह1900 रुपये की वित्तीय सहायता पेंशन के रूप में प्रदान की जाती है। आवेदन करते समय उन पात्र दिव्यांग बच्चों के पास, जिसमें उनका बौद्धिक स्तर 50 से नीचे हो व बहुविकलांगता,ओटिजम 70 प्रतिशत के अलावा मायपेथी, पैराप्लाजीग 100 प्रतिशत होना चाहिये। उनके पास आधार कार्ड, बैंक खाते की प्रति तथा बच्चा स्कूल ना जाता हो औरना ही उसका स्कूल में दाखिला हो से संबंधित प्रमाण पत्र होना चाहिये।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि सरकार ने अगर दोनों पति पत्नी विकलांग हैं व उनकी कमाई का कोई जरिया नहीं है उनके लिए दिव्यांग विवाह शगुन योजना प्रारंभ की है। इस योजना के तहत अगर दोनों विकलांग है तो उन्हें 51 हजार रुपये की राशी प्रदान की जाती है। अगर एक व्यक्ति दिव्याग की श्रेणी में आता है तो उसे 31 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इसमें पात्र को अपना हरियाणा का मूल निवास का प्रमाण पत्र देने के अलावा विवाह प्रमाण पत्र वाटर कार्ड, पेन कार्ड, आयु प्रमाण पत्र, बैंक खाते की प्रति आवेदन के साथ संलग्न करनी होगी।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि जो दिव्यांग सरकार की ऋण संबंधित योजना का लाभ लेना चाहते हैं उन दिव्यांगजनको सर्व प्रथम हरियाणा का निवासी होने के साथ-साथ कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांग होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि यह योजना केवल दिव्यांग व्यक्तियों के लिए है व उनकी आयु इस योजना के मुताबिक 18 से 55 वर्ष के मध्य होनी चाहिये। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि मानसिक मंदता वाले व्यक्ति के मामलेमें 18 वर्ष आयु के स्थान पर 14 वर्ष तक के पात्रों को सुविधा प्रदान की जाती है। प्रार्थी हरियाणा का स्थाई निवासी होना चाहिए। आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड व पासपोर्ट साइज फोटोहोनी चाहिए। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि 50 हजार रुपये की न्यूनतम ऋण राशि के साथ लाभार्थी लगभग 60 हजार रूपये से 80 हजार रूपये तक सालाना कमा सकते हैं।

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