सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों ने सैंड आर्ट एवं प्राकृतिक संसाधनों से उकेरे राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक विरासत और विकसित भारत-2047 के रंग
BOL PANIPAT , 18 अक्टूबर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गत दिवस पूरे पानीपत जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में ‘रंगोली राष्ट्र (सेवा के रंग)’ गतिविधि का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए रंगोली और सैंड आर्ट के जरिए राष्ट्रप्रेम, भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण तथा विकसित भारत-2047 की परिकल्पना को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया।
सभी विद्यालयों में प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से रंगोली बनाने पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों ने फूल, मिट्टी, रेत, चावल, बीज, पत्तियों तथा प्राकृतिक रंगों जैसी पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग करके विभिन्न विषयों पर रंगोलियां तैयार कीं। इस गतिविधि में प्लास्टिक का प्रयोग नहीं किया गया, ताकि विद्यार्थियों को प्रकृति के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जागरूक किया जा सके।
रंगोलियों के विषयों में राष्ट्रवाद, कल्याणकारी योजनाएं, भारतीय सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सरोकार तथा विकसित भारत-2047 की संकल्पना को प्रमुखता दी गई। विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से देश के विकास, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका का संदेश दिया।
इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसडीएम इसराना नवदीप सिंह ने बताया कि इसी अभियान के क्रम में विगत 9 अक्टूबर 2026 को आर्य पी.जी. कॉलेज, पानीपत के ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान 108 मीटर डायमीटर की विशाल ह्यूमन रंगोली बनाई गई थी। इस विशेष आयोजन में लगभग 3,500 विद्यार्थियों ने भाग लेकर सामूहिक सहभागिता और रचनात्मकता का परिचय दिया। इस विशाल रंगोली की तस्वीरें और वीडियो ड्रोन के माध्यम से तैयार किए गए, जिससे रंगोली की भव्यता, डिजाइन और संपूर्ण स्वरूप को ऊपर से आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जा सके। इतने बड़े स्तर पर विद्यार्थियों की सहभागिता से तैयार की गई ह्यूमन रंगोली ने सेवा, राष्ट्रप्रेम और विकसित भारत की भावना को एक अनूठे कलात्मक स्वरूप में प्रस्तुत किया।
इस विशाल ह्यूमन रंगोली की रूपरेखा तैयार करने, डिजाइनिंग, योजना निर्माण, समन्वय और संपूर्ण आयोजन को क्रियान्वित करने में जिला सांस्कृतिक समन्वयक संदीप रत्तेवाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिसके लिए प्रशासन ने भी संदीप रत्तेवाल की सराहना की।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान तथा रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। रंगोली और सैंड आर्ट जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि सामूहिक प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यह पहल शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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