Friday, April 17, 2026
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बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडकर के द्वारा लिखे सविधान से ही देश मे सभी वर्गो को बराबरी का दर्जा:-ओमवीर सिंह पंवार

By LALIT SHARMA , in Politics , at April 14, 2022 Tags: , , , ,

-बिल्लू कालोनी के बाल्मीकि मंदिर में बड़ी धूमधाम से बाबा साहेब अम्बेडकर जंयती का किया आयोजन

BOL PANIPAT : 14 अप्रैल, 2022:-पानीपत ग्रामीण विधानसभा के हरिसिंह चौक स्थित बिल्लू कॉलोनी बाल्मीकि मन्दिर में बाल्मीकि समाज कल्याण समिति द्वारा देश के सविधान निर्माता व भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडर की 131 जंयती शुभावसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसमें हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता व समाजसेवी ओमवीर सिंह पंवार बतौर मुख्याथिति के रूप में पहुँचकर बाबा साहेब के चित्र पर अपनी श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर डॉ भीम राव अम्बेडर को सादर नमन किया । कांग्रेस नेता ओमवीर सिंह पंवार ने कार्यक्रम में उपस्थित कॉलोनीवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि “ बाबा साहेब के भारत का एक ही धर्म है वो है हमारा संविधान, वो संविधान जो न जाति देखता है न धर्म, न महिला पुरुष में भेद करता है, न अमीर गरीब का अंतर देखता है, यही एकता, समानता और सर्वोदय का ग्रन्थ हमारा संविधान हैI इस संविधान ग्रन्थ के कुछ पन्ने आज के साम्प्रदायिक नेता हमसे छीनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बाबा साहेब के वारिसों की पहली जिम्मेदारी है कि हम बाबा साहेब की धरोहर को बचाए रखें और जब तक इन संविधान विरोधी ताकतों को देश की सत्ता से बाहर न कर दें तब तक चैन से नहीं बैठेगेI”

ओमवीर सिंह पंवार ने कालोनीवासी युवाओं से चर्चा करते हुए कहा कि 14 अप्रैल 1891 में बाबा साहेब का जन्म हुआ था, बाबा साहेब अपने समय के सबसे शिक्षित भारतियों में से एक थे, लेकिन किताबों के संग्रह में उनकी बराबरी कोई नहीं कर सकाI बाबा साहेब के पास उनके अंतिम समय में लगभग 35 हजार किताबें थी, जो देश की सबसे बड़ी व्यक्तिगत लाइब्रेरी थीI उन्होंने उपस्थित कॉलोनीवासियों से अपनी युवा पीढ़ी से आवाहन करते हुये कहा कि आज बाबा साहेब की जयंती नहीं, हमारे संकल्प का दिन है, हमारे बच्चों को राह दिखाने का दिन है, कितनी भी मुश्किल आए, कितना भी दबाव हो, कितनी भी समस्याएँ हो, हमारे बच्चे कम से कम ग्रेजुएट हों, यह रीति नहीं यह अपना धर्म बनाइए I हर बच्चा उसमे हमारी बेटियां तो बेटों से पहले आएं, बाबा साहेब ने कहा है कि – मैं समाज की उन्नति को समाज की महिलाओं की उन्नति से मापता हूँI यदि हमारी बेटियां अशिक्षित रहीं, कुरीतियों के बंधन में रही और पुरुषों से पीछे रहीं तो बाबा साहेब की जयंती मनाने का हमें हक़ नही है.

ये डीजे लगाकर सड़कों पर नाचने से बाबा साहेब की जयंती मनाने से उनकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी, सड़कों पर फूलों का ढेर लगाने से बाबा साहेब खुश नहीं होंगे, पोस्टर बेनर पर फोटो चिपकाने से बाबा साहेब खुश नहीं होंगे, चंदा करके मिठाइयाँ बांटने से बाबा साहेब खुश नहीं होंगे, बड़े बड़े भाषण देने से बाबा साहेब खुश नहीं होंगे, सामाजिक कार्यक्रमों में महिलाओं को पीछे रखने से बाबा साहेब खुश नहीं होंगेI बाबा साहेब खुश होंगे उससे जो कसम खाएगा कि ग्रेजुएट होने तक मैं पढ़ाई नहीं छोडूंगा, बाबा साहेब खुश होंगे उससे जो अपने घर की बहन बेटियों को पढ़ने और हुनर सीखने में मदद करेगा, बाबा साहेब खुश होंगे उससे जो हर किसी को एक नजर से देखेगा, न अपना, न पराया, न अमीर, न गरीब, बिना किसी भेदभाव के उससे भाईचारा रखेगा, बाबा साहेब खुश होंगे उससे जो लगातार किताबें खरीदेगा, घर में कपड़ों से ज्यादा किताबें रखेगा, हर रोज एक घंटा नई किताब पढ़ेगा और शाम को अपने साथियों संग बैठकर उस किताब से मिला ज्ञान सबको बताएगा.

बाबा साहेब खुश होंगे उससे जो अपने लोगों के लिए अपना सुख चैन छोड़कर शिक्षा और समाज के लिए समय देगा, बाबा साहेब उससे खुश होंगे जो समाज में उन लोगों के साथ खड़ा होगा जो बिना भेदभाव किये सबको एक समान अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष करेगा I कांग्रेस ओमवीर सिंह पंवार ने कहा कि मैं यह बाते इसलिये कह रहा हूँ कि बाबा साहेब स्वयं उस समय के जातिवाद, धर्म के भेदभाव के साथ साथ गरीबी से संघर्ष करके उन्होंने जो उच्चाइयो को छुकर अपनी काबलियत से हमे जो सविधान के माध्यम से जो रास्ता दिखाया है उससे हम सभी उच्चाइयो को छू सकते है इससे पहले कार्यक्रम में पहुचने पर समिति के पदाधिकारियो द्वारा मुख्याथिति ओमवीर सिंह पवार का फूलमालाओ से गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया ।

इस अवसर भल्ले राम शर्मा, शमशेर बाल्मीकि, जिले सिंह कश्यप, नरेंद्र पवार, सुरेंद्र सारसर, मनोज फोजी, दीपक बोत, बलवान बाल्मीकि, धर्मजीत सिंह,नवीन चण्डालिया, सतीश मतलौडा, सत्यपाल नरवाल, ऋषिपाल तोमर आदि मुख्यरूप से कालोनीवासी मौजूद थे ।

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