उपायुक्त डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया ने मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया बुखार की प्रभावी रूप से रोकथाम के लिए किए गए प्रबन्धों की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
BOL PANIPAT: 25 सितंबर। उपायुक्त डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया ने बुधवार को लघु सचिवालय में जिला स्तरीय मलेरिया वर्किंग कमेटी की अध्यक्षता करते हुए मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया बुखार की प्रभावी रूप से रोकथाम के लिए किए गए प्रबन्धों की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निजी अस्पतालों में इन बिमारियों के टैस्ट के लिए जो फीस निर्धारित की गई है। कोई भी इससे अधिक फीस वसूल नहीं कर सकता। निजी अस्पताल निर्धारित फीस से सम्बन्धित सूचना पट्ट भी लगाए ताकि आमजन को इसके बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यालय अपने यहां इन बिमारियों की रोकथाम के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त करे, जो अपने सम्बन्धित विभाग में साफ-सफाई इत्यादि को सुनिश्चित करे। उन्होंने सभी खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारियों से कहा कि वे सभी ग्राम पंचायतों में आगामी सप्ताह तक फोगिंग करवाना सुनिश्चित करें।
सरकारी अस्पताल में इलाज मुफ्त: डीसी
उपायुक्त ने कहा कि सरकारी इलाज में इन बीमारियों का इलाज और टेस्ट फ्री है। कोई भी चिकित्सक इन बुखारों को लेकर लोगों को न डराए और भ्रान्तियां न फैलाएं। उन्होंने सभी अधिकारियों से भी अपील की कि वे अपने कार्यालयों में रखे पौधों या ए.सी. से निकलने वाले पानी और कुलर इत्यादि को भी चैक कर लें कि वहां लारवा तो पैदा नहीं हो गया है।
डीसी डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि स्थानीय बस अड्डे पर व वर्कशाप के अन्दर खाली टायर भी रखे रहते हैं, जिनमें मच्छरों के पनपने का डर रहता है। वहां पर मिट्टी का तेल इत्यादि डलवाएं ताकि मच्छरों का लारवा समाप्त किया जा सकें। उन्होंने कहा कि जगह-जगह सडक़ों के किनारे नारियल पानी पिलाने के लिए लोगों ने ठेले लगा रखे हैं। लोग नारियल पानी पीकर उनके खोल वहीं छोड़ जाते हैं, जिनमें बारिश का पानी इकटठा होकर लारवा फैलने का डर रहता है। इस पर भी नगर निगम द्वारा संज्ञान लिया जाए।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ0 सुनील संदूजा ने बताया कि विभाग द्वारा टीमें बनाई गई हैं, जो लारवा से सम्बन्धित रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। सब-सैन्टर पर एक टीम बनाई गई है। उन्होंने कहा कि खड़े पानी में मिट्टी का या काला तेल डाल दें, जिससे लारवा मर जाएगा। तालाबों में भी गम्बुजियां मछली मत्स्य पालन विभाग द्वारा डलवाई जाएंगी। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस मौके पर निगम आयुक्त जयेंद्र सिंह छिल्लर भी उपस्थित रहे।

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