साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को पानीपत पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया
BOL PANIPAT , 23 फरवरी : थाना साइबर क्राइम की टीम ने साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को रविवार को राजस्थान के डिडवाना जिले के चारनवास गांव के पास से गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान राजस्थान के डिडवाना जिले के चारनवास गांव निवासी सुरेश व कमल के रूप में हुई है।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि समालखा के वार्ड नंबर 7 निवासी नरेश ने 30 अगस्त 2025 को दी शिकायत में बताया था कि 5 जून 2025 को उसके वॉटसऐप एक पार्ट टाइम जॉब का मैसेज आया। उसने इसके लिए हां कर दी। इसके बाद उसे कहा गया कि आपकी जॉब लग गई है, इसमे एक टॉस्क दिया जाएगा और आपको टास्क पूरा करने पर पैसा मिलेगा। उसने उनके दिए गए बैंक खाते में 34 हजार रूपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद पैसे गलत डालने की बात कहकर 90 हजार रूपए और डलवा लिए। वह इनके जाल में फसता चला गया और उनके दिए हुए बैंक खातों में 13 लाख 75 हजार रूपए ट्रांसफर कर दिए। उसको इसके बाद अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। थाना साइबर क्राइम में नरेश की शिकायत पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच व आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।
प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने विभिन्न पहलुओं पर जांच करते हुए नवंबर 2025 में राजस्थान के डिडवाना जिले के कुचामन कस्बा निवासी आरोपी जितेंद्र कसवां को गिरफ्तार किया। आरोपी जितेंद्र के खाते में 7 लाख 11 हजार रूपए ट्रांसफर किए थे। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया था उसने अपना बैंक खाता खुलवाकर चारनवास निवासी सुरेश व कमल को 10 हजार रूपए में बेचा था। पुलिस ने आरोपी जितेंद्र के कब्जे से 10 हजार रूपए बरामद कर पूछताछ के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर जहा से उसे जेल भेजने के बाद आरोपी सुरेश व कमल की धरपकड़ शुरू कर दी थी।
थाना साइबर क्राइम पुलिस ने रविवार को आरोपी सुरेश व कमल को राजस्थान के डीडवाना जिले के चारनवास गांव के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया वह लोगों से 10 से 15 हजार रूपए में बैंक खाता लेकर आगे अपने साथी विकास को 50 हजार रूपए में बेच देते थे। पुलिस ने सोमवार को पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उन्हें न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया।

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