पायलट पहल बच्चों में कुपोषण के प्रभावी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम: सीईओ डॉ किरण
-कुपोषण से लड़ाई में पानीपत की नई पहल: बच्चों के लिए पायलट परियोजना शुरू
-योजना के क्रियान्वयन और समन्वय पर विस्तृत चर्चा
-गंभीर और मध्यम तीव्र कुपोषण से पीडि़त बच्चों के उपचार के लिए पोषण पुनर्वास केंद्रों में विशेष आहार व्यवस्था
BOL PANIPAT , 9 मार्च। जिले में बच्चों के कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। गंभीर तीव्र कुपोषण (एसएएम) और मध्यम तीव्र कुपोषण (एमएएम) से प्रभावित बच्चों के बेहतर प्रबंधन के लिए पायलट हस्तक्षेप कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस संबंध में सोमवार को उपायुक्त डॉ वीरेन्द्र कुमार दहिया के निर्देश पर सीईओ डॉ किरण की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें योजना के क्रियान्वयन और समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गई। यह पहल हरियाणा सरकार के राज्य सहयोग मिशन के तहत स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्त प्रबंधन संस्थान द्वारा लागू की जा रही है। पायलट परियोजना का उद्देश्य कुपोषित बच्चों के उपचार को मजबूत करना है, जिसके तहत पोषण पुनर्वास केंद्रों में एफ-75 और एफ-100 आहार के माध्यम से चिकित्सकीय पोषण उपचार प्रदान किया जाएगा।
बैठक में सीएमओ विजय मलिक व अन्य कई अधिकारियों ने बताया कि कुपोषित बच्चों की समय रहते पहचान और उचित उपचार बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचा जा सके। इस पहल के अंतर्गत पात्र बच्चों को निर्धारित पोषण आहार, नियमित चिकित्सकीय निगरानी और पोषण मूल्यांकन की सुविधा मिलेगी। साथ ही अभिभावकों को घर पर बच्चों की सही देखभाल और संतुलित आहार के लिए परामर्श भी दिया जाएगा।
बैठक में सीईओ डॉ किरण ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला स्वास्थ्य टीमों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समुदाय स्तर पर कुपोषित बच्चों की पहचान, उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों तक भेजने और उपचार के बाद निगरानी सुनिश्चित करने का कार्य करेंगी।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. किरण ने कहा कि यह पायलट पहल बच्चों में कुपोषण के प्रभावी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से न केवल कुपोषित बच्चों को समय पर उपचार और पोषण मिलेगा, बल्कि अभिभावकों को भी सही पोषण संबंधी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास और समुदाय की भागीदारी से यह पहल सफल होगी और जिले में बच्चों के पोषण स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
बैठक में डॉ. नीरू, संयुक्त निदेशक स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्त प्रबंधन संस्थान- सह-नोडल अधिकारी राज्य सहयोग मिशन, राहुल सिंगला, टीम प्रमुख, और डॉ. अमिता रानी, क्षेत्र विशेषज्ञ के अलावा सिविल अस्पताल के अधिकारी, पोषण पुनर्वास केंद्र के कर्मचारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा शैक्षणिक सहयोगी गीता विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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