कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 37 लाख रूपए की साइबर ठगी करने मामले में और तीन आरोपी गिरफ्तार
BOL PANIPAT: 20 मार्च : पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस के नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर कारोबारी से 37लाख रूपए की साइबर ठगी करने मामले में वीरवार को और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान छपरौली गाजियाबाद निवासी दिपेश, बरेली निवासी सजल अग्रवाल व सुहाग नगर फिरोजाबाद यूपी निवासी आशीष पांडेय के रूप में हुई है।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि अंसल निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह एग्रीटेक बायोटेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड कंपनी चलाता है। 14 अप्रैल 2025 को उसके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। बात कर रहे व्यक्ति ने अपना नाम रणधीर सिंह राठौर बताते हुए कहा वह हिफान केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर है । वह डीएपी, युरिया और एनपीके इम्पोर्ट करते है। उनकी कंपनी फ्रेंचाइजी दे रही है, क्या आप लेने के इच्छुक है। उसका पहले से ही पेस्टीसाइड बनाने का काम था तो उसने हिफान कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने का मन बना लिया। रणधीर राठौर ने फ्रेंचाइजी का पूरा मॉडल समझाया और पानीपत व सोनीपत में फ्रेंचाइजी देने की बात कही। इसके बाद 16 अप्रैल 2025 को बुकिंग के 2 लाख रूपए एडवांस जमा कराने की बात कहकर उससे एक बैंक खाता नंबर में ट्रांसफर करवा ले लिए।
इसके बाद उससे सिक्योरिटी के नाम पर 50लाख रूपए के दो ब्लैंक ले लिए। उनकी काफी दिनों तक बातचीत चलती रही। उसने कई बार यूरिया, डीएपी व कंपनी की फ्रेंचाइजी के लिए अनुरोध किया हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर टाल मटोल कर देते। बाद में दिसंबर 2025 तक सामान व शर्ते पूरी करने का आश्वासन दिया। 13 जनवरी 2026 को उसके खाते से 35लाख रूपए कटे तो उसने बैंक में संपर्क किया। बैंक से जानकारी मिली पैसे चैक से कटे है। उसने रणधीर को कॉल किया तो नंबर बंद मिला। हिफान केमिकल्स फर्टिलाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर उससे 37 लाख रूपए की धोखाधड़ी कर ली। थाना साइबर क्राइम में व्यवसायी की शिकायत पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।
इंचार्ज सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने मामले की जांच करते हुए बीती 15 फरवरी को आरोपी रणधीर राठौर को यूपी के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगी की उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा था। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया था उसने नोएडा में कोटेक महिंद्रा बैंक के मैनेजर आशीष पांडेय, सहायक ब्रांच मैनेजर संजय अग्रवाल व रिलेशनशिप मैनेजर दिपेश भारद्वाज के साथ मिलकर चेक से 30 लाख रूपए कोटेक महिंद्रा बैंक व 5 लाख रूपए युको बैंक के अपने खाते में ट्रांसफर करवा इनमें से काफी पैसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसकी एवज में आशीष पांडेय ने 1 लाख 20 हजार, सजल अग्रवाल ने 1 लाख व दिपेश भारद्वाज ने 80 हजार रूपए लिए थे। तीनों के कहने पर ठगी की राशि में से 9 लाख 72 हजार रूपए की बैंक में पॉलिसी करवा दी थी, पॉलिसी में इनका कमीशन था।
पुलिस टीम ने आरोपी रणधीर राठौर को रिमांड अवधी पूरी होने पर माननीय न्यायालय में पेश कर जहा से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया था। इसी के साथ पुलिस ने जिन खातों में ठगी की राशि ट्रांसफर की हुई थी उन सभी खातों को होल्ड पर रखवा 19 लाख 50 हजार रूपए की नकदी प्रक्रिया के तहत पीड़ित के खाते में मंगवाई थी।
इंचार्ज सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि पुलिस ने सभी कानूनी प्रकिया पूरी कर वीरवार को आरोपी बैंक मैनेजर आशीष पांडेय, सहायक ब्रांच मैनेजर संजय अग्रवाल व रिलेशनशिप मैनेजर दिपेश भारद्वाज को गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को वीरवार को माननीय न्यायालय में पेश कर जहा से उन्हें 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही उनके हिस्से में आई ठगी की नकदी बरामद करने का प्रयास कर रही है। तीनों आरोपियों ने मामले में पीड़ित के बैंक खाते की जानकारी आरोपी रणधीर राठोड़ को उपलब्ध करवा ठगी करने में उसकी मदद की थी।

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