जल को केवल उपयोग की वस्तु नहीं, बल्कि धरोहर के रूप में देखे : उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
-पानी की एक एक हर बूंद बचाना हमारी सब की जिम्मेदारी. जल संरक्षण बने जन-आंदोलन. जल है तो कल है.
BOL PANIPAT , 22 मार्च। विश्व जल दिवस के अवसर पर जिला उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। हमें जल को केवल उपयोग की वस्तु नहीं, बल्कि धरोहर के रूप में देखना होगा।”
बिना जल के न तो मानव जीवन संभव है और न ही कृषि, उद्योग और पर्यावरण का संतुलन।
उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित जल दोहन और घटते जल स्रोत आने वाले समय के लिए गंभीर खतरे का संकेत दे रहे हैं।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि “जल की हर बूंद अमूल्य है। यदि आज हमने जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि वर्षा जल संचयन को हर घर, हर संस्थान और हर खेत तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।छोटे-छोटे प्रयास—जैसे पानी की बर्बादी रोकना, रिसाव को ठीक करना, और जल पुनर्भरण के उपाय अपनाना—भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि जल संरक्षण को केवल सरकारी जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इसे जन-आंदोलन बनाएं। हर व्यक्ति यदि अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उपायुक्त ने कहा कि विश्व जल दिवस के अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि जल की एक-एक बूंद को बचाएंगे और अपने आने वाले कल को सुरक्षित बनाएंगे। जल है तो जीवन है, और इसका संरक्षण हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

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