जिला प्रशासन संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क और तैयार: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
यमुना किनारे सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा: उपायुक्त बोले—जनधन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, नहीं रहने देंगे कोई कमी
बाढ़ से पहले प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त ने यमुना तटबंधों का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
प्रशासन की संभावित बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी, यमुना किनारे गांवों का दौरा कर परखी व्यवस्थाएं
जलभराव और बाढ़ पर प्रशासन की पैनी नजर: तटबंध, ड्रेन और संवेदनशील स्थलों का डीसी ने लिया जायजा
BOL PANIPAT , 3 जुलाई। मानसून के दौरान संभावित बाढ़ के खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने शुक्रवार सुबह विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ यमुना नदी से सटे संवेदनशील क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने रिंग बंधों, तटबंधों, ड्रेनों, पुलों तथा अन्य बाढ़ सुरक्षा कार्यों की मौके पर जाकर समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त डॉ. हरीश ने राणा माजरा, पत्थरगढ़, शमशाबाद, नवादा सहित यमुना किनारे स्थित विभिन्न गांवों में पहुंचकर तटबंधों की मजबूती, चल रहे कार्यों तथा संभावित कमजोर स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां कहीं भी तटबंध कमजोर हैं, वहां तत्काल मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कराया जाए ताकि किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति में जनधन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ड्रेन नंबर-8 की सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां ओवरफ्लो की आशंका हो, वहां सुरक्षा की दृष्टि से फेंसिंग करवाई जाए। साथ ही यमुना क्षेत्र में अवैध खनन पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राणा माजरा में ग्रामीणों ने उपायुक्त का स्वागत करते हुए क्षेत्र की सामूहिक समस्याओं से अवगत कराया। ग्रामीणों ने तटबंध के समीप सडक़ निर्माण, रिटेनिंग वॉल बनवाने तथा अन्य आवश्यक विकास कार्यों की मांग रखी। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत को प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इससे पूर्व उपायुक्त ने शहर के संजय चौक, खादी आश्रम तथा सेक्टर-25 क्षेत्र की प्रमुख ड्रेन का निरीक्षण कर सफाई कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नालों और ड्रेनों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि बरसात के दौरान कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जिला प्रशासन संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क और तैयार है। संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएंगे और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन के पास पर्याप्त संसाधन एवं कार्ययोजना उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि जनधन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यमुना से सटे सभी गांवों, तटबंधों और शहर की जल निकासी व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। जहां भी किसी प्रकार की कमी मिलेगी, उसे तत्काल दूर किया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि जिले में कहीं भी जलभराव अथवा बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न न होने पाए और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप, जिला राजस्व अधिकारी कनब लाकड़ा, तहसीलदार मनोज, तहसीलदार वीरेंद्र गिल, तहसीलदार कैलाश, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी के अलावा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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