खेल के मैदान में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन, मेहनत और समर्पण से होती हासिल: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
ग्रामीण क्षेत्र के खिलाडिय़ों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही दिशा, बेहतर प्रशिक्षण और उचित मंच उपलब्ध कराने की
राष्ट्रीय ग्रैपलिंग चैंपियनशिप में सिकंदर ने जीता रजत पदक
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने दी बधाई, कहा—मेहनत, अनुशासन और गुरु के मार्गदर्शन से मिली सफलता
BOL PANIPAT , 26 अगस्त। हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित वंदना कटारिया स्पोट्र्स स्टेडियम में 21 से 23 अगस्त तक आयोजित नेशनल ग्रैपलिंग चैंपियनशिप-2026 में जिले के गांव बुआना लाखु स्थित फैला उजियारा फाउंडेशन के पहलवान सिकंदर मलिक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 62 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीतकर जिले और गांव का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता का आयोजन ग्रैपलिंग कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा किया गया था। पहलवान सिकंदर की इस उपलब्धि पर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने उन्हें सचिवालय स्थित कार्यालय में बधाई देते हुए कहा कि खेल के मैदान में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन, मेहनत और समर्पण से हासिल होती है।
उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि सिकंदर की यह उपलब्धि उसके गुरु के मार्गदर्शन, प्रशिक्षकों की मेहनत और स्वयं खिलाड़ी की लगन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के खिलाडिय़ों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही दिशा, बेहतर प्रशिक्षण और उचित मंच उपलब्ध कराने की। उपायुक्त ने कहा कि हरियाणा सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है और खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण, सुविधाएं तथा प्रोत्साहन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाडिय़ों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सिकंदर जैसे खिलाड़ी अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिकंदर भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन करेगा।
फैला उजियारा फाउंडेशन की अध्यक्ष कुमारी रंजीता कौशिक ने बताया कि संस्था के खिलाडिय़ों ने पिछले 12 वर्षों में राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 450 से अधिक पदक जीतकर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक पदक विजेता नवदीप भी इसी अखाड़े की प्रतिभा रहे हैं। उन्होंने सिकंदर की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह संस्था में दिए जा रहे प्रशिक्षण और खिलाडिय़ों की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
कोच नरेंद्र मलिक ने बताया कि अखाड़े के खिलाड़ी पूरी मेहनत, लगन और निष्ठा के साथ प्रतिदिन दो समय अभ्यास करते हैं। खिलाड़ी सुबह और शाम करीब तीन-तीन घंटे नियमित प्रशिक्षण लेते हैं। उन्होंने कहा कि सिकंदर ने भी लंबे समय से अनुशासित तरीके से अभ्यास किया और प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। सिकंदर की जीत के बाद बुआना लाखु गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने खिलाड़ी को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर कोच आकाश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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