अरुणा सैनी साहस, संघर्ष और सामाजिक सेवा की मिसाल थीं : पूजा सैनी
चौथी पुण्यतिथि पर निर्मला देशपांडे संस्थान में सर्वधर्म प्रार्थना सभा
BOL PANIPAT , 12 सितंबर। माता सीता रानी सेवा संस्था की संस्थापक सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा सैनी की चौथी पुण्यतिथि पर आज निर्मला देशपांडे संस्थान में श्रद्धांजलि सभा एवं सर्वधर्म-समभाव प्रार्थना का आयोजन किया गया।
संस्था की महासचिव पूजा सैनी ने कहा कि अरुणा सैनी अदम्य साहस, दृढ़ निश्चय और मजबूत इरादों वाली महिला थीं। उनका जन्म 18 मार्च 1954 को पानीपत में मास्टर सीताराम सैनी और श्रीमती सीता रानी के घर हुआ। पारिवारिक संस्कारों से उन्हें निडरता, सेवा और समर्पण की प्रेरणा मिली। उनका विवाह एडवोकेट विजयपाल सैनी से हुआ। उनके दो बच्चे शिखा और अनुज हैं।
उन्होंने कहा कि अरुणा सैनी ने जीवन में आई कठिन परिस्थितियों और व्यक्तिगत दुखों का अत्यंत साहस के साथ सामना किया। पति और पुत्री के निधन जैसी पीड़ादायक परिस्थितियों में भी वे अडिग रहीं और सामाजिक कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कम नहीं हुई।
सहारनपुर प्रवास के दौरान उन्होंने महिलाओं को संगठित करने के लिए ‘कारवां’ महिला संगठन की स्थापना की तथा महिला सशक्तिकरण, विकास और सामाजिक मजबूती के लिए अनेक कार्य किए। लगभग दस वर्ष पूर्व पानीपत लौटने के बाद वे निर्मला देशपांडे संस्थान और माता सीता रानी सेवा संस्था की सक्रिय कार्यकर्ता बनी रहीं।
कार्यक्रम में हाली अपना स्कूल की छात्राओं और छात्रों ने अरुणा सैनी से जुड़ी अपनी स्मृतियां एवं खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए। उनकी सहयोगी शिक्षिका मधु यादव, छोटे भाई एवं गांधी ग्लोबल फैमिली के महासचिव राम मोहन राय, सोनिया गर्ग तथा सुजाता चौधरी ने भी उनके जीवन और सामाजिक योगदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ताओं ने कहा कि अरुणा सैनी का मधुर और मिलनसार व्यक्तित्व तथा संघर्ष, साहस और सेवा से भरा जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। कार्यक्रम का समापन सर्वधर्म-समभाव प्रार्थना के साथ हुआ।

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