जुवेनाइल जस्टिस में ‘बच्चे के सर्वोत्तम हित’ के सिद्धांत पर प्रशिक्षण
एलएलबी विद्यार्थियों को बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों और वास्तविक मामलों की दी जानकारी
BOL PANIPAT , 19 सितंबर। जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के एलएलबी विद्यार्थियों के लिए जुवेनाइल जस्टिस के अंतर्गत ‘प्रिंसिपल ऑफ बेस्ट इंटरेस्ट ऑफ द चाइल्ड’ विषय पर दो घंटे का प्रशिक्षण एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को इस सिद्धांत के कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ उसके व्यावहारिक अनुप्रयोग एवं वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. सिमरन, डीपीओ डब्ल्यूसीडी पानीपत, अतिथि वक्ता अधिवक्ता पद्मा रानी तथा डीसीपीओ निधि गुप्ता द्वारा विषय से संबंधित जानकारी साझा की गई। अधिवक्ता पद्मा रानी ने सीएनसीपी एवं सीसीएल बच्चों से संबंधित विभिन्न पहलुओं को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट (एसआईआर), सोशल बैकग्राउंड रिपोर्ट, इंडिविजुअल केयर प्लान (आईसीपी) तथा बच्चे के सामाजिक एवं पारिवारिक बैकग्राउंड के असेसमेंट के महत्व के बारे में भी विस्तार से समझाया कि ये प्रक्रियाएं बच्चे के सर्वोत्तम हित में उचित निर्णय लेने में किस प्रकार सहायक होती हैं।
सत्र में बाल श्रम, पोक्सो, अनाथ बच्चे से जुड़े मामले, पेटी, सीरियस एवं हिनियस ऑफेंसेज, आफ्टर-केयर, एडोलसेंट्स, डिफिएंट बिहेवियर तथा मेंटल हेल्थ जैसी विभिन्न परिस्थितियों के उदाहरणों के माध्यम से ‘बेस्ट इंटरेस्ट’ के व्यावहारिक पक्ष पर चर्चा की गई।
सीडब्ल्यूसी से मालती अरोड़ा तथा जेजेबी से सदस्य अशिमाम कौशिक एवं अशोक ने भी बच्चों से संबंधित अपने वास्तविक मामलों एवं अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। विद्यार्थियों ने इन मामलों को बहुत रुचि के साथ समझा तथा अपने विभिन्न डाउट्स एवं प्रैक्टिकल क्वेरीज भी साझा कर उनका समाधान प्राप्त किया।
संगीता वर्धन, एडजंक्ट प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल ने पूरे सत्र को अत्यंत इंटरएक्टिव तरीके से संचालित किया तथा विद्यार्थियों को विभिन्न परिस्थितियों पर विचार करने और अपने प्रश्न रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

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