मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर वामपंथी पार्टिया एक सप्ताह तक करेंगी विरोध प्रदर्शन.
BOL PANIPAT : 26 सितम्बर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और चुनाव की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर वामपंथी पार्टियों द्वारा 26 सितम्बर से 2 अक्तुबर तक चलाए जाने विरोध प्रदर्शन में सीपीआई के कार्यकर्ता भारी संख्या में शामिल होंगे। यह निर्णय आज सीपीआई की हरियाणा राज्य कार्यकारिणी की वर्चुअल मीटिंग में लिया गया। मीटिंग की अध्यक्षता पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कामरेड अश्वनी कुमार बक्शी ने की और सीपीआई के राज्य सचिव दरियाव सिंह कश्यप ने मीटिंग का संचालन किया।
बैठक में कामरेड दरियाव सिंह कश्यप ने बताया कि 24 सितम्बर को दिल्ली में सीपीआई, सीपीआई एम और सीपीआई एम एल के महासचिवों की बैठक हुई। बैठक में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के तानाशाहीपूर्ण व्यवहार को लेकर चर्चा हुई और चुनाव आयोग की स्वतंत्र भूमिका को बहाल करने के सवाल पर 26 सितम्बर से 2 अक्तुबर तक देश भर में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान संयुक्त रूप से निम्नलिखित मांगों पर जोर दिया जाएगा :
**मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें और तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए।
** एस आई आर प्रक्रिया रोकी जाए और मतदाता सूची में गलत तरीके से हटाए गए सभी लोगों के वोटिंग अधिकार को बहाल किया जाए,
** ई सी आई के स्वतंत्र और लोकतांत्रिक कामकाज को बहाल किया जाए,
** चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था को बदल कर सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रस्तावित उस चयन समिति वाली प्रक्रिया को अपनाया जाए जिसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और
भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल हों।
सीपीआई की हरियाणा राज्य कार्यकारिणी ने उपरोक्त मांगों को लेकर संयुक्त रुप से जागरुकता अभियान चलाने और विरोध प्रदर्शन में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं को शामिल करने का निर्णय लिया।
आनलाईन मीटिंग में हरभजन सिंह संधु एडवोकेट, तिलक राज विनायक एडवोकेट, सत्येंद्र गिरि एडवोकेट, धर्म पाल सिंह चौहान एडवोकेट, डा0 सुखदेव सिंह जम्मू, स्वर्ण सिंह विर्क, रुप सिंह, राम रतन एडवोकेट, पवन कुमार सैनी एडवोकेट, ईशम सिंह तंवर, फूल सिंह इंदौरा, ओम प्रकाश वशिष्ठ, प्रीतम सिंह टबरा, एम सी बासिया, सतीश कुमार नाहड़ आदि शामिल हुए।

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