Wednesday, October 7, 2026
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प्रदूषण फैलाने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई, बर्निंग की घटना किसी भी सूरत में न हो: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 7, 2026 Tags: , , , , , ,

वायु प्रदूषण पर सख्त हुआ प्रशासन, उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

स्वच्छ हवा के लिए विभाग मिलकर करें प्रभावी कार्रवाई, पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता

वायु गुणवत्ता सुधारने को प्रशासन ने कसी कमर, प्रदूषण के स्रोतों पर रखी जाएगी पैनी नजर

BOL PANIPAT : 7 अक्टूबर। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की रोकथाम और वायु गुणवत्ता में सुधार को लेकर बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एनसीआर से संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा उपायुक्तों के साथ संवाद करते हुए वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की तथा आगामी समय में और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए। उपायुक्त डॉ हरीश ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदूषण के सभी संभावित स्रोतों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

  उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जिले में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्वच्छ और शुद्ध हवा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी गंभीरता से कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में खुले में कचरा, फसल अवशेष या अन्य सामग्री जलाने की घटना नहीं होनी चाहिए। बर्निंग की किसी भी घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई की जाए।

    उपायुक्त ने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि प्रदूषण के वास्तविक स्रोतों तक पहुंचकर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें। प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों, चिमनियों तथा अन्य संभावित स्रोतों की नियमित निगरानी की जाए। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाए, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उपायुक्त ने प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।    

    उपायुक्त ने विशेष रूप से कहा कि जिन इकाइयों की चिमनियों से प्रदूषण फैल रहा है, उनकी निगरानी की जाए और आवश्यक होने पर वीडियो रिकॉर्डिंग सहित तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि किसी भी औद्योगिक इकाई द्वारा गंदे पानी या प्रदूषित अपशिष्ट को खुले में अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत छोड़े जाने की शिकायत मिलने पर तुरंत जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

    उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभागीय स्तर पर कमेटी का गठन कर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कमेटी प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों की निगरानी करने के साथ-साथ विभागों द्वारा की जा रही कार्रवाई की नियमित समीक्षा करेगी। उन्होंने अधिकारियों से अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली और निर्देश दिए कि भविष्य में भी कार्रवाई की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए।

  डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि शहर और जिले की हवा को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए केवल सरकारी विभागों की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि आमजन, औद्योगिक इकाइयों, बाजार संगठनों, आरडब्ल्यूए और अन्य संस्थाओं की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को खुले में कचरा और अन्य सामग्री न जलाने के लिए जागरूक किया जाए तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि सडक़ की धूल, खुले में कचरा जलाने, निर्माण एवं तोडफ़ोड़ से उत्पन्न धूल, औद्योगिक प्रदूषण तथा अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए। सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल प्रदूषण पर नियंत्रण करना नहीं, बल्कि जिले में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी विभाग अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करें और पर्यावरण संरक्षण को अपनी कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाएं। इस मौके पर निगम आयुक्त डॉ. पंकज यादव, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के ईओ प्रतीक हुड्डा, आरओ पोल्युशन भूपेंद्र चहल के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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