बेलर से पराली प्रबंधन कर रामनिवास ने बढ़ाई आमदनी, किसानों को भी दे रहे संदेश
सरकारी 50 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ लेकर 2023 में लिया बेलर, लगातार कर रहे उपयोग
पराली जलाने की बजाय बेलर का इस्तेमाल कर किसान पर्यावरण संरक्षण में दे रहे योगदान
BOL PANIPAT , 7 अक्टूबर। जिले के गांव नारायणा निवासी किसान रामनिवास ने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए बेलर मशीन का उपयोग कर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने वर्ष 2023 में सरकार की ओर से दी जा रही 50 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ लेते हुए बेलर मशीन खरीदी थी। इसके बाद से वह लगातार बेलर का इस्तेमाल कर फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन कर रहे हैं। बेलर के उपयोग से उन्हें काफी फायदा हुआ है और पराली जलाने की समस्या से भी बचाव हो रहा है।
किसान रामनिवास का कहना है कि फसल अवशेषों को खेत में जलाने की बजाय आधुनिक कृषि यंत्रों की मदद से उनका उचित प्रबंधन किया जा सकता है। बेलर मशीन के माध्यम से पराली को एकत्रित कर उसका उपयोग किया जा रहा है, जिससे किसान को लाभ मिल रहा है और खेतों में पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ती।
रामनिवास ने जिले के अन्य किसान भाइयों से भी अपील की कि वे फसल अवशेषों को आग लगाने की बजाय बेलर सहित अन्य कृषि यंत्रों का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ दे रही है। किसान इस सुविधा का लाभ उठाकर पराली प्रबंधन को आसान बना सकते हैं और आर्थिक लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
रामनिवास की यह पहल अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक है। उनका कहना है कि आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाकर किसान खेती को अधिक लाभकारी बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

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