जनता की हर शिकायत प्रशासन की प्राथमिकता, समाधान में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करें अधिकारी, लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें: एडीसी अंकित चौकसे
पुलिस से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से होगी कार्रवाई, निष्पक्ष जांच के दिए जाएंगे निर्देश: एसपी मेधा भूषण
जनता समाधान शिविर में 15 शिकायतें दर्ज, उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
BOL PANIPAT, 5 नवंबर। हरियाणा सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम जनता समाधान शिविर के माध्यम से लोगों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा रहा है। सप्ताह में दो दिन आयोजित होने वाले इन शिविरों में प्रशासनिक अधिकारी दो घंटे तक आमजन की समस्याओं को सुनते हैं और संबंधित विभागों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश देते हैं। वीरवार को जिला सचिवालय के सभागार में आयोजित जनता समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 15 शिकायतें दर्ज की गईं। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्परता और गंभीरता के साथ उनका निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जनता समाधान शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध करवाना है। प्रशासन की जिम्मेदारी केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक शिकायत पर ठोस कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को संतुष्ट करना भी उतना ही आवश्यक है। उपायुक्त ने कहा कि अधिकारी प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लें और उसकी प्रकृति के अनुसार संबंधित विभाग आपसी समन्वय से समाधान सुनिश्चित करें। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित रखना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि आमजन का प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हो। प्रशासन आमजन को सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि जनता समाधान शिविर में आने वाली प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभाग तक पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों का दायित्व है कि वे शिकायतों पर केवल औपचारिक कार्रवाई न करें, बल्कि समस्या की जड़ तक पहुंचकर उसका स्थायी समाधान करें। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागीय अधिकारी आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। प्रत्येक शिकायत की प्रगति पर नजर रखी जाए और निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई पूरी की जाए।
पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण ने कहा कि जनता समाधान शिविर में पुलिस विभाग से संबंधित प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रत्येक शिकायत की तथ्यों के आधार पर जांच करवाई जाएगी और जहां भी आवश्यक होगा, नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन को न्याय दिलाना और उनकी समस्याओं का निष्पक्ष समाधान करना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी शिकायतकर्ता को अपनी बात रखने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करें तथा शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्थिति से भी अवगत करवाएं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस विभाग पूरी गंभीरता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है।
इस अवसर पर नगराधीश टीनू पोसवाल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश शर्मा, डीएसपी विकास चहल, अग्रणी जिला प्रबंधक जितेंद्र कुमार, डॉ. अमित, जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता करण बहल, डॉ. राधेश्याम, जिला उद्यान अधिकारी संदीप सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Comments