बापौली में खुलेगा हुनर का नया द्वार, कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ
कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने हवन-यज्ञ में आहुति डालकर व रिबन काटकर किया उद्घाटन, रोजाना 140 बच्चों को मिलेगा प्रशिक्षण
अंत्योदय फाउंडेशन के संस्थापक केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की पहल से ग्रामीण बच्चों को मिलेगा आधुनिक तकनीकी ज्ञान, सुबह-शाम दो बैचों में चार-चार घंटे चलेगा प्रशिक्षण
BOL PANIPAT , 30 सितंबर। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें कौशल एवं रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अंत्योदय फाउंडेशन के संस्थापक एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की पहल के तहत बापौली में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बापौली गांव में स्थापित कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ हरियाणा के पंचायत,विकास एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने हवन-यज्ञ में आहुति डालकर एवं रिबन काटकर किया। केंद्र शुरू होने से बापौली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को अब कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कार्यक्रम में अंत्योदय फाउंडेशन के संस्थापक केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा विशेष रूप से मौजूद रहे। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच आयोजित हवन-यज्ञ में कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, गजेंद्र सलूजा, बापौली की सरपंच डिंपल रावल एवं उनके पति शिवकुमार रावल, फाउंडेशन सदस्य बृजभूषण गुप्ता, कल्याण, अनिरुद्ध सहित अन्य गणमान्य लोगों ने आहुति डालकर केंद्र के सफल संचालन की कामना की। इसके बाद कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने रिबन काटकर कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया।
ग्रामीण बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना उद्देश्य : कृष्ण लाल पंवार
कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि वर्तमान समय में कंप्यूटर एवं डिजिटल तकनीक का ज्ञान बच्चों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को उनके अपने गांव में आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध करवाना उन्हें बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास पैदा करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का जरिया भी है। ऐसे प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण बच्चों को अपनी प्रतिभा और हुनर निखारने का अवसर मिलेगा तथा वे भविष्य में शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे।
इस अवसर पर अंत्योदय फाउंडेशन के संस्थापक एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर ला के प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा फाउंडेशन की स्थापना के पीछे समाज के जरूरतमंद एवं अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों तक शिक्षा, कौशल और अवसर पहुंचाने की सोच है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज कंप्यूटर शिक्षा केवल शहरों तक सीमित रहने वाली जरूरत नहीं है, बल्कि ग्रामीण बच्चों के लिए भी यह समय की आवश्यकता बन चुकी है। गांव में ही प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होने से बच्चों और उनके अभिभावकों को सुविधा मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बापौली में शुरू हुआ यह केंद्र ग्रामीण बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बापौली की सरपंच डिंपल रावल एवं उनके पति शिवकुमार रावल ने भी हवन-यज्ञ में आहुति डालकर कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ में सहभागिता की। सरपंच डिंपल रावल ने कहा कि गांव में इस प्रकार का प्रशिक्षण केंद्र शुरू होना ग्रामीण बच्चों के लिए बड़ी सुविधा है। अब उन्हें कंप्यूटर सीखने के लिए दूर-दराज के स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि गांव के बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा उनके घर के नजदीक उपलब्ध होने से विशेष रूप से उन परिवारों को लाभ मिलेगा, जो अपने बच्चों को बाहर जाकर प्रशिक्षण दिलाने में सक्षम नहीं हैं।
कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ कार्यक्रम में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बापौली शक्ति सिंह, पवन कुमार, विधायक प्रतिनिधि जसराज भाटी, बापौली मार्केट कमेटी अध्यक्ष राजेंद्र रावल, भाजपा भोला मंडल अध्यक्ष सुमित जलमाना, प्रधान प्रीतम रावल, बापौली ब्लॉक समिति अध्यक्ष जॉनी रावल, जलालपुर प्रथम गांव के पूर्व सरपंच रतन सिंह रावल, सरपंच वजीर देशवाल, सरपंच संजय शर्मा, लक्ष्मण रहेजा, संजीव कौशिक, अनिल बापौली सहित विभिन्न गांवों के सरपंच एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
एक दिन में 140 बच्चे सीखेंगे कंप्यूटर
बापौली में शुरू किए गए कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र में प्रतिदिन दो बैच संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक बैच में 70 बच्चे प्रशिक्षण लेंगे। पहला बैच सुबह चार घंटे और दूसरा बैच शाम को चार घंटे चलेगा। इस प्रकार प्रतिदिन 70-70 बच्चों के दो बैचों में कुल 140 बच्चे कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को कंप्यूटर के बुनियादी ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल तकनीक और उनकी आवश्यकता के अनुरूप व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण बच्चे आगे की पढ़ाई, रोजगार और स्वरोजगार के लिए आवश्यक तकनीकी दक्षता हासिल कर सकेंगे।

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