Friday, October 16, 2026
Newspaper and Magzine


अटल सेवा केंद्र की आड़ में लोगों के दस्तावेज एवं फिंगरप्रिंट लेकर उनकी एईपीएस (AEPS) आईडी तैयार कर साइबर ठगों को बेचने वाले गिरोह के छठे आरोपी को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की।

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at October 16, 2026 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 16 अक्तूबर। पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण आईपीएस के नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने अटल सेवा केंद्र की आड़ में लोगों के दस्तावेज एवं फिंगरप्रिंट लेकर उनकी एईपीएस (AEPS) आईडी तैयार कर साइबर ठगों को बेचने वाले गिरोह के छठे आरोपी सोहेल उर्फ सुच्चा पुत्र फुरकान निवासी विद्यानंद कॉलोनी को वीरवार को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की।

थाना साइबर क्राइम प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बतलाया कि वीरवार को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर 1 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने पहले गिरफ्तार हो चुके अपने 5 साथी आरोपियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। रिमांड अवधी पूरी होने पर शुक्रवार को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया जो आरोपी को बंद ज्यूडिशियल जेल कराया गया।

थाना साइबर क्राइम प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि थाना साइबर में तैनात एएसआई राजबीर पुलिस टीम के साथ 12 सितंबर 2026 को एक मुकदमे के अनुसंधान के सिलसिले में विद्यानंद कॉलोनी में मौजूद थे।
इसी दौरान पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि छोटी मस्जिद के पास अटल सेवा केंद्र चलाने वाला साकिब सीधे-साधे लोगों की अनुमति के बिना उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड तथा फिंगरप्रिंट का डेटा एकत्र कर फर्जी बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करने व निकालने का काम करता है। सूचना पर पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी और केंद्र में मौजूद युवक को काबू किया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान साकिब पुत्र अतीक रहमान निवासी विद्यानंद कॉलोनी के रूप में बताई। मौके पर आरोपी के कब्जे से 2 मोबाइल फोन बरामद हुए। मोबाइल की जांच करने पर एक व्हाट्सऐप चैट में करीब 20 व्यक्तियों के अंगूठे के निशान, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक का डेटा मिला। पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि वह इन दस्तावेजों व फिंगरप्रिंट के जरिए AEPS आईडी तैयार करके डेटा सहित आगे अपने सहयोगी बिहार के अररिया निवासी इश्तियाक उर्फ मलिक को भेज देता था। उसे एक फर्जी AEPS आईडी तैयार करने के बदले 3 हजार रुपए मिलते थे। वह सीएससी/अटल सेवा केंद्र पर आने वाले सीधे साधे लोगों को 1 हजार रुपए का प्रलोभन देकर उनकी AEPS आईडी तैयार करवाता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 लैपटॉप और 1 फिंगरप्रिंटर स्कैनर बरामद कर थाना साइबर क्राइम में बीएनएस की धारा 318(4) व 61 के तहत अभियोग दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई गई थी।
इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी इश्तियाक, उसके साथी आरोपी हरिओम, मोहम्मद राशिद निवासी हबीबपुर भागलपुर बिहार, जितेंद्र कुमार राज निवासी पश्चिम चंपारण बिहार हाल आगरा यूपी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद माननीय न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा चुका है।

Comments


Leave a Reply