Friday, April 17, 2026
Newspaper and Magzine


यौन उत्पीड़न के मुद्दे पर एक ट्रेनिंग का आयोजन किया गया.

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at January 30, 2026 Tags: , , , , , , ,

BOL PANIPAT : आई.बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पानीपत में यौन उत्पीड़न समिति एवं ब्रेकथ्रू गैर सरकारी संस्था के तत्वावधान में यौन उत्पीड़न के मुद्दे पर एक ट्रेनिंग का आयोजन किया गया | कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को जागरूक बनाना तथा कानून अधिकारों के प्रति सचेत करना है |

प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक ने कहा कि किसी भी प्रकार का अवांछित, अपमानजनक या डराने वाला यौन व्यवहार उत्पीड़न ही है | हमारी संस्था में हिंसा और इस तरह की कोई गतिविधि स्वीकार्य नहीं है इसलिए समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है |

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज उपप्राचार्या डॉ. किरण मदान एवं शिक्षकगणों के द्वारा दीप प्रज्वलित से किया गया | डॉ. किरण मदान ने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ हमें अपने सभी मूलभूत अधिकारों का पता होना चाहिए | यौन उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है, हमें उसको मौन रहकर स्वीकार नहीं करना अपितु, अपनी जीवन शैली का अभिन्न अंग मानकर उसके प्रति जागरूक रहकर पुरजोर विरोध करना है |

कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. शर्मिला यादव ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा, लिंग आधारित हिंसा का कोई भी ऐसा कृत्य है जो सार्वजनिक या निजी जीवन में महिलाओं को शारीरिक, यौन या मनोवैज्ञानिक हानि या पीड़ा पहुंचाता है, वह यौन उत्पीड़न ही है | यह अवांछित व्यवहार है क्योंकि इससे व्यक्ति परेशान, भयभीत एवं अपमानित महसूस करता है |

इस कार्यक्रम की ट्रेनर शिवानी ने कहा कि इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए ब्रेकथ्रू, लॉरियल पेरिस और राइट टू बी के सहयोग से 5D तकनीक- ध्यान भटकाना, किसी दूसरे की सहायता लेना ,रिकॉर्ड करना, हिम्मत बंधाना, सीधे तौर पर दखल देना, के माध्यम से हिंसाओं में दखल देने के लिए युवाओं को प्रेरित कर रहा है | 5D  तकनीक एक सरल प्रभावित तरीका है जो बिना हिस्सा के भी अपने अधिकारों के प्रति सचेत कर यौन उत्पीड़न जैसे भयानक कृत्य का विरोध किया जा सकता है |

इस कार्यक्रम में डॉ. गुरनाम सिंह, डॉ. अर्पणा गर्ग, प्रो. कनक, डॉ. जोगेश, डॉ. प्रवीण, डॉ. निर्मला, डॉ. पूनम, डॉ. नेहा पूनिया, प्रो. संगीता, प्रो. दीप्ती, डॉ. पूजा व डॉ. रेखा उपस्थित रहे | मंच संचालन का कार्य प्रो. रेखा शर्मा ने किया |

Comments