बीपीएल कार्ड मामले में एडीसी ने स्पष्ट किया प्रशासन का पक्ष, नियमों के अनुसार हुई कार्रवाई
फिजिकल वैरिफिकेशन में निर्धारित सीमा से अधिक मिली आय, इसी आधार पर काटा गया बीपीएल कार्ड
BOL PANIPAT : अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चोकसे ने बीपीएल कार्ड से संबंधित मामले में स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह से सरकार द्वारा निर्धारित नियमों एवं पात्रता मानदंडों के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि बीपीएल योजना का लाभ केवल निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले परिवारों को ही दिया जा सकता है और पात्रता की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ही निर्णय लिया जाता है।
उन्होंने बताया कि एक महिला वकील का बीपीएल कार्ड फिजिकल वैरिफिकेशन के दौरान उसकी वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से अधिक पाए जाने के कारण नियमानुसार काटा गया था। इसके बाद महिला द्वारा अपनी आय कम करवाकर बीपीएल कार्ड का लाभ दोबारा प्राप्त करने संबंधी अपनी अपील अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने महिला को पूरे मामले की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी व्यक्ति की आय को मनमाने ढंग से कम या अधिक नहीं कर सकता। बीपीएल कार्ड से संबंधित कार्रवाई उपलब्ध रिकॉर्ड, फिजिकल वैरिफिकेशन तथा सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता नियमों के आधार पर ही की जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि उक्त शिकायत जुलाई 2026 में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान आई थी, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। कार्यालय में महिला को मामले से संबंधित सभी तथ्यों एवं सरकारी प्रावधानों की जानकारी दी गई तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।
अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चोकसे ने कहा कि जिला प्रशासन सभी नागरिकों के साथ समान एवं सम्मानजनक व्यवहार करता है। प्रशासन का उद्देश्य किसी व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों की जांच की जाती है और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनने और उसका समयबद्ध एवं नियमानुसार समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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