टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर प्रशासन गंभीर, एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग के साथ की समीक्षा
टीबी उन्मूलन के लिए गांव-गांव जागरूकता, स्क्रीनिंग और सामुदायिक भागीदारी पर रहेगा जोर
एमवाई भारत स्वयंसेवक और एनसीसी कैडेट निभाएंगे अहम भूमिका, टीबी मरीजों तक पहुंचेगा पोषण सहयोग
टीबी मुक्त अभियान की साप्ताहिक गतिविधियों और प्रगति की होगी नियमित समीक्षा
BOL PANIPAT , 24 सितंबर। टीबी मुक्त भारत अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। इसी कड़ी में उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ के निर्देशानुसार वीरवार को जिला सचिवालय सभागार में
एसडीएम समालखा अमित कुमार और एसडीएम नवदीप नैन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अभियान की तैयारियों और विभिन्न गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में टीबी की रोकथाम, संभावित मरीजों की पहचान, जांच, उपचार, जागरूकता तथा मरीजों को पोषण संबंधी सहयोग उपलब्ध करवाने सहित अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की।
दोनों उप मंडल के अधिकारियों ने बताया गया कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिला स्तर पर टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूत करने के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाना है। अभियान का उद्देश्य टीबी की रोकथाम के साथ-साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार और बचाव के प्रति जागरूक किया जा सके।
अभियान के तहत ब्लॉक स्तर पर टीबी मुक्त भारत टीमों का गठन कर उन्हें सक्रिय किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक अथवा वार्ड में एमवाई भारत के पांच स्वयंसेवक तथा एनसीसी के पांच कैडेट अभियान की गतिविधियों में भाग लेकर जागरूकता और सामुदायिक संपर्क को मजबूत करेंगे।
टीमों द्वारा जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर व दीवार लेखन तथा सत्यापित सामाजिक मीडिया संदेशों के माध्यम से टीबी से जुड़े भ्रम और भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
सीएमओ विजय मलिक ने बताया कि अभियान के दौरान उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों, संवेदनशील आबादी तथा अधिक भीड़ वाले स्थानों पर टीबी की स्क्रीनिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य संस्थानों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से संभावित मरीजों की पहचान, जांच, उपचार और बचाव संबंधी गतिविधियों को गति दी जाएगी। आयुष्मान आरोग्य शिविरों के माध्यम से भी टीबी की सक्रिय खोज में सहयोग लिया जाएगा।
एसडीएम अमित कुमार समालखा और एसडीएम इसराना नवदीप नैन ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें सभी विभागों, पंचायतों, स्थानीय संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, शिक्षण संस्थानों और आमजन की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान की गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जाए और क्षेत्र स्तर पर होने वाले कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि ब्लॉक स्तर की टीबी मुक्त भारत टीम द्वारा मासिक सूक्ष्म कार्ययोजना तथा साप्ताहिक गतिविधि कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। टीम की कम से कम सप्ताह में एक बार समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के साथ गतिविधियों की प्रगति पर चर्चा होगी तथा लंबित कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
एमवाई भारत स्वयंसेवकों को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत निक्षय मित्र के रूप में जुड़ने, टीबी मरीजों को पोषण सहयोग उपलब्ध करवाने, स्क्रीनिंग शिविरों में लोगों को जुटाने तथा समुदाय में टीबी से बचाव संबंधी जानकारी पहुंचाने में सहयोग करना होगा। वहीं एनसीसी कैडेट भी जागरूकता गतिविधियों, रैलियों, नुक्कड़ नाटकों और स्क्रीनिंग शिविरों में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करेंगे।
अभियान में स्वच्छता, खांसते समय सावधानी बरतने, संक्रमण से बचाव तथा नशा मुक्ति से जुड़े संदेशों को भी प्रमुखता से प्रचारित किया जाएगा।
लोगों को धूम्रपान, तंबाकू, शराब और नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही टीबी से प्रभावित परिवारों और संवेदनशील लोगों को बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर लाभ सिंह बेनीवाल ने कहा कि टीबी मरीजों की गोपनीयता और सम्मान का विशेष ध्यान रखते हुए अभियान की सभी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण किया जाए। स्क्रीनिंग, जागरूकता कार्यक्रमों, शिविरों और अन्य गतिविधियों की रिपोर्ट निर्धारित पोर्टल और प्रारूप के माध्यम से समय पर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए।
अभियान के दौरान सामने आने वाली किसी भी कमी या संसाधन संबंधी आवश्यकता को उच्च स्तर पर समयबद्ध तरीके से उठाने पर भी जोर दिया गया है।

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