कुष्ट रोग खोज अभियान को सफल बनाने को लेकर जिला वासियों से की सहयोग की अपील: उपायुक्त
-स्वास्थ्य विभाग की टीम करेगी घर – घर जाकर कुष्ट रोगियों की जांच : उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया
-जिले में 1 अगस्त से 14 अगस्त तक कुष्ट रोग खोज अभियान चलाया जायेगा
-अभियान की सफलता को लेकर विभाग की 952 टीमें गठित, 305204 घरों में जाकर करेंगी कुष्ट रोग की जांच
-29 मेडिकल अधिकारी व 28 नोडल अधिकारी किये नियुक्त
-विभाग के 1904 टीम के सदस्य निभायेंगे अहम जिम्मेदारी
BOL PANIPAT, 30 जुलाई। जिला उपायुक्त डॉ. विरेन्द्र कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अगले माह कुष्टï रोग खोज अभियान कार्यक्रम शुरू किया जायेगा जिसमें विभाग की टीमें घर-घर जाकर जांच करेंगी व साथ ही साथ उन्हें जागरूक करने का कार्य भी करेंगी। यह अभियान जिले भर में 1अगस्त से 14 अगस्त तक निरंतर जारी रहेगा। उपायुक्त ने जिला वासियों से इस कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर सहयोग की अपील की है।
उपायुक्त ने जिला वासियों से कुष्ट रोग खोज अभियान को लेकर गठीत की गई टीम के सदस्यों का सहयोग करने की अपील की। यह टीम हर घर में जाकर अपना कार्य करेगी। उपायुक्त ने बताया कि कुष्टï रोग छूत की बिमारी नही है। कुष्ट रोग एनडीटी से पूर्णत्य ठीक हो सकता है। जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में कुष्ट रोग का ईलाज नि:शुल्क किया जाता है। उपायुक्त ने इस अभियान को सफल बनाने की जिला वासियों से अपील की।
उन्होंने बताया कि जिले की कुल जनसंख्या 1397350 है व कुल घर 305204 है जिसमें 952 टीमें गठित की गई है। जो घर-घर जाकर कुष्टï रोग के संदिग्ध व्यक्तियों की जांच करेगी। टीम में 190 सुपरवाईजर जांच का कार्य करेंगे। उपायुक्त ने बताया कि 1904 टीम के कुल सदस्य है। इसमें 29 मेडिकल अधिकारी व 28 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं जो इस अभियान को मजबूती के साथ सफल बनाएंगे। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव में मुनादी करवाएं व स्कूलों और फैक्ट्रीयों में जाकर जांच करें व उन्हें जागरूक करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी विजय मलिक ने इसी कड़ी में जानकारी देते हुए बताया कि कुष्ट रोग कहीं भी हो सकता है। इसकी पहचान यह है कि इसमें दर्द नही होता, जलन या चुभन नहीं होती। चमड़ी पर लाल तामिया दाग, चमड़ी पर तेलिया चमक, हाथ पैरो में सूनापन, खुखापून कुष्टï रोग हो सकता है। जिनमें खुजली या चुभन हो सकती है जो सफेद, काले या गहरे लाल रंग के हो जो अचानक प्रकट या गायब हो जाए और तेजी से फैले ये सभी चिन्ह कुष्ट रोग के नहीं है।
जिला कुष्टï रोग अधिकारी डॉ. लाभ सिंह ने बताया कि कुष्टï रोगी के साथ अन्य लोगों की तरह सामान्य व्यवहार किया जाना चाहिए। रोगी पुरी तरह से सामान्य जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि अपनी चमड़ी की स्वयं जांच के लिए लोगों को प्रोत्साहित करें।

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