Friday, April 17, 2026
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सेमिनार का आयोजन कर पुलिसकर्मियों को पॉक्सो एक्ट व जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की दी जानकारी.

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at January 9, 2026 Tags: , , , , , , ,

BOL PANIPAT , 09 जनवरी : जिला बाल संरक्षण समिति पानीपत द्वारा पॉक्सो एक्ट व जुवेनाइल जस्टिस एक्ट पर शुक्रवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन कर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पॉक्सो व जेजे एक्ट की विस्तार से जानकारी दी। सेमिनार में चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर्स व बाल देखरेख केंद्रों के स्टाफ ने भी भाग लिया।

प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड पुनीत लिम्बा ने मुख्य अतिथि व डीएसपी मुख्यालय श्री सतीश वत्स ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनीत लिम्बा ने किशोर न्‍याय अधिनियम के अंतर्गत बालकों/किशोरों के हित को ध्‍यान में रखते हुए न्यायिक प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उनके द्वारा जेजे एक्ट के विभिन्न प्रारूपो एवं प्रावधानों से अवगत कराया गया। इसके साथ ही जुवेनाइल को चाइल्ड फ्रेंडली वातावरण में रखने पर जोर दिया गया।

डीएसपी सतीश वत्स ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के नियमों एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने केस स्टडी के माध्यम से पॉक्सो एक्ट के मुख्य प्रावधानों से अवगत कराया और पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत पीड़ित बालकों के चिकित्सीय परीक्षण एवं बेहतर पुर्नवास प्रक्रिया संबंधी विषय पर चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों (चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर) को बताया कि जुवेनाइल को किशोर न्याय बोर्ड में उपस्थित करते समय पुलिस यूनिफॉर्म में न हो। जुवेनाइल को घर जैसा अहसास कराए और सिविल पाश्चात्य में बातचीत करें।

इसके साथ ही एडवोकेट राजेश जांगड़ा ने जेजे एक्ट के विभिन्न कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। वहीं  निधि गुप्ता, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, पानीपत द्वारा मिशन वात्सल्य  स्कीम एवं दत्तक ग्रहण /एडॉप्शन की प्रक्रिया एवं उससे संबंधित नियमों की जानकारी दी गई। उनके द्वारा बताया गया कि किसी को कही भी कोई लावारिस बच्चा मिलता है तो उसको बाल कल्याण समिति के सम्मुख प्रस्तुत करें।
सुमन लीगल ऑफिसर द्वारा बताया गया चाइल्ड नीड केयर एंड प्रोटेक्शन के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों से जुड़े मामलों में कानूनों की सही समझ विकसित करना तथा उनके संरक्षण एवं अधिकारों को सुनिश्चित करना रहा। इस मौके पर अशोक कुमार एवं अशिमा सदस्य किशोर न्याय बोर्ड भी उपस्थित रहे।

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