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किसान- मजदूरों की पालन हार बनती मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 28, 2022 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT , 28 सितंबर। प्रदेश में चलाई जा रही योजनाओं से हर वर्ग के व्यक्ति लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना उन्हीं योजनाओं में से एक है। विषम परिस्थितियों में यह योजना किसानों व मजदूरों की पालन हार बनी है। अब किसान मजदूर खेत में बिना डर के कार्य कर सकते हैं। इस योजना का लाभ वे ही किसान व मजदूर उठा पाते हैं जो खेत में या अन्य स्थानों पर कार्य करते वक्त दुर्घटना ग्रस्त हो जाते हैं। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि इस योजना के तहत 1 अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक 4 किसान इससे लाभन्वित हुए हैं। सरकार द्वारा इस योजना के तहत 1 व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिजनो को 5 लाख की राशि प्रदान की गई जबकि 2 किसानों को एक अंग भंग होने पर सवा-सवा लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। एक अन्य व्यक्ति को श्रम करते वक्त आंशिक उंगली भंग होने की स्थिति में 37,500 रु पये की राशि प्रदान की है।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि इस योजना का वे ही व्यक्ति लाभ ले सकते हैं जिनकी आयु 10 वर्ष से कम व 65 वर्ष से अधिक ना हो। सहायता के लिए आवेदन पत्र अशक्कता होने के दो माह के अंदर मार्केट कमेटी कार्यालय में जमा करवाना होता है। मृत्यु होने की स्थिति में आवेदक के परिजनों को 5 लाख , रीढ की हडड़ी टुटने या अन्यथा किसी कारण से स्थाई आशक्तता होने पर आवेदक को ढाई लाख, दो अंग भंग हाने पर या स्थाई गंभीर चोट लगने पर 1 लाख 87 हजार ,500 रुपये, स्थाई गंभीर चोट या एक अंग भंग होने पर सवा लाख,(चार उंगली कटने पर एक अंग की हानी समझी जायेगी) पूरी उंगली कटने पर 75 हजार, आंश्ेिाक उंगली भंग होने पर 37,500 रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
   मार्केट कमेटी सचिव बसंत कुमार ने बताया कि कृषि मशीनरी, औजार, टूल्स, उपकरण व अन्य यंत्रों पर कार्य करते समय जो किसान मजदूर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं व इन ओजारों की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो जाती है या फिर वे अंगहिन हो जाते हैं। ऐसे में यह योजना उनकी पालन हार बनती है।
कमेटी सचिव ने बताया कि कई बार कुआ संचालित करते समय जहरीली गैस का शिकार होने, बिजली का करंट लगने या कीटनाशक दवाई पेस्टीसाईड, खरपतवार नाशक दवाई का प्रयोग करते वक्त , कृषि उत्पादन उतारते, शिफट करते या तोलते समय या कृषि कार्यों के दौरान सांप या अन्य जहरीले जीव के काटने के कारण घटीत होती है उसमें यह यह योजना किसानो की मददगार साबित होती है।
   बसंत कुमार ने बताया कि किसान के मृत्यु होने की स्थिति में उसके उतराधिकारी को इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन मार्केट कमेटी कार्यालय में आवेदन करना होता है। किन कारणों से उनकी दुर्घटना हुई है यह ब्यौरा भी मार्केट कमेटी में आवेदन के माध्यम से देना होता है। पूरा पता गांव के सरंपंच , दो पंच या नंबरदार के हस्ताक्षर के बाद आवेदन पूरा माना जाता है। आवेदक को डिस्पैंसरी का नाम, चिकित्सा प्रमाण पत्र भी देना होता है।

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