Wednesday, October 21, 2026
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बच्चों की कला, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को नई उड़ान देंगी बाल प्रतियोगिताएं: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 21, 2026 Tags: , , , , , ,

बाल प्रतिभाओं को निखारने का मंच बनी जिला बाल कल्याण परिषद की प्रतियोगिताएं

24 अक्टूबर तक बाल भवन में होंगी 19 विधाओं की प्रतियोगिताएं, बच्चों में दिखा उत्साह

जिला स्तर पर विजेता बच्चों को राज्य स्तर पर प्रतिभा दिखाने का मिलेगा अवसर

BOL PANIPAT , 21 अक्टूबर। जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से बाल भवन में आयोजित बाल प्रतियोगिताओं का बुधवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने शुभारंभ किया। उन्होंने रिबन काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया तथा दीप प्रज्वलित कर प्रतियोगिताओं को आगे बढ़ाया। इस दौरान विभिन्न स्कूलों से पहुंचे बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने अपनी कला, रचनात्मकता और प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी की।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानने, निखारने और उन्हें आगे बढऩे के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से इस प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। ये गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक सोच और कलात्मक क्षमता को भी विकसित करती हैं। उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। जरूरत है उसे सही मंच और प्रोत्साहन देने की, ताकि बच्चे अपनी क्षमता को पहचानकर जीवन में आगे बढ़ सकें।

उपायुक्त ने कहा कि जिला स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में विजेता बच्चों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। ऐसे मंच बच्चों को अपनी कला को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने तथा अन्य प्रतिभागियों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी कला का बेहतर प्रदर्शन करें।

  जिला बाल कल्याण अधिकारी रितु राठी ने बताया कि जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से 24 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में कुल 19 विधाओं की प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं में बच्चों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार भाग लेने का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों की छिपी प्रतिभा को सामने लाना और उनकी कला में निखार पैदा करना है।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिताओं के अंतर्गत क्ले मॉडलिंग, कार्ड मेकिंग, दीया एवं कैंडल डेकोरेशन, स्केचिंग, रंगोली, बच्चों के लिए मनोरंजक खेल, भाषण प्रतियोगिता, समूह नृत्य, शास्त्रीय एकल नृत्य, देशभक्ति समूह गीत, एकल नृत्य, एकल गायन, फैंसी ड्रेस, पोस्टर मेकिंग, हिंदी एवं अंग्रेजी हस्तलेखन, एकांकी, थिएटर प्ले, प्रश्नोत्तरी, हरियाणवी रागनी और मेहंदी सहित विभिन्न गतिविधियां शामिल हैं।

रितु राठी ने कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, नई चीजें सीखने और अपनी रचनात्मकता को बेहतर बनाने का अवसर मिलता है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों और कलात्मक गतिविधियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।

प्रतियोगिताओं के पहले दिन बच्चों ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेते हुए अपनी कला का प्रदर्शन किया। बच्चों ने रंगों और चित्रों के माध्यम से अलग-अलग विषयों को उकेरा तथा अपनी कल्पनाशीलता का परिचय दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान भी बच्चों का उत्साह देखने लायक रहा। उपायुक्त ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी इसी प्रकार मेहनत करने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान जिला बाल कल्याण अधिकारी रितु राठी ने उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी तथा अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।

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