स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर किया गया जागरुकता कार्यक्रम आयोजित.
BOL PANIPAT , 2 अक्तूबर। राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस हर साल 2 अक्टूबर को मनाया जाता है । इस दिन का उद्देश्य भारत को नशा मुक्त बनाना और मानव प्रतिभा को संरक्षित करना है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने मादक द्रव्यों के सेवन की हमेशा निंदा की थी,जिसके अंतर्गत रविवार को जिला के सामान्य हस्पताल में जिला मानसिक एवं नशामुक्ति कार्यक्रम की टीम द्वारा लोगो को नशे से बचने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं उप सिविल सर्जन डॉक्टर ललित वर्मा ने उपस्थित लोगो को बताया कि मादक द्रव्यों के सेवन से मस्तिष्क संबंधी पुरानी बीमारियां होती हैं। नशा हमारे समाज के लिए सबसे बड़ी बुराइयों में से एक है। यह न केवल व्यक्ति बल्कि समाज को भी प्रभावित करता है।
उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि नशे का सेवन मनुष्य की जिंदगी में तर्कसंगत निर्णय लेने की क्षमता के नुकसान का कारण बनता है और हर चीज पर वरीयता लेता है और करियर,परिवार, प्रियजनों, दोस्तों और नागरिक भावना को भी कमज़ोर करता है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग प्रयोग, मस्ती और अपनी जीज्ञासा के लिए ड्रग्स लेना शुरू कर देते हैं जबकि कुछ साथियों के दबाव में आ जाते हैं तथा कुछ लोग जीवन रक्षक दवाओं का नशीली दवाओं के रूप में दुरुपयोग करते हैं।
इस अवसर पर मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार ने भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों को नशे से बचने के लिए प्रेरित किया । इस दौरान नवजीवन लेप्रोसी कॉलोनी सोधापुर में कुष्ठ रोगियों को खाने पीने का सामान भी वितरित किया गया । इस अवसर पर निगरानी एवम मूल्यांकन अधिकारी अनुरोध खर्ब, रवि कुमार साइकोलॉजिस्ट,संगीता रानी, पूनम सहित ग्रामीण युवा एवं महिला विकास संगठन के सदस्य मौजूद रहे।
6 से 16 अक्तूबर तक कुष्ठ रोगों के बारे में किया जायेगा जिला वासियों को जागरुक
स्वास्थय विभाग के जिला लैप्रोसी अधिकारी डॉक्टर ललित वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया की आने वाली 6 तारीख से 19 तारीख तक जिला में स्वास्थय विभाग द्वारा कुष्ठ रोग खोज अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत जिला में 476 टीमें काम करेंगी। जो घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों को ढूंढने का काम करेंगी।

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