ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कमेटी करेगी वाहनों की स्थिति का अध्ययन: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या नियंत्रित करने पर जोर, रूट निर्धारण पर होगा विचार
शहर में करीब 8 हजार ऑटो-ई-रिक्शा, रजिस्टर्ड वाहनों को लेकर बनेगी व्यवस्था
अधिक सवारियां बैठाने वाले ऑटो चालकों पर होगी कार्रवाई, भारी जुर्माने के चालान के निर्देश
BOL PANIPAT , 5 अक्टूबर। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और यातायात को व्यवस्थित बनाने को लेकर सोमवार को जिला प्रशासन ने ई-रिक्शा चालकों के प्रतिनिधियों के साथ जिला सचिवालय सभागार में बैठक की। बैठक में ई-रिक्शा एवं ऑटो संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव रखे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें उच्च अधिकारियों को शामिल किया गया है। कमेटी शहर में संचालित रजिस्टर्ड ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा तथा अन्य वाहनों की स्थिति का अध्ययन करेगी। इसके बाद कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की व्यवस्था निर्धारित की जाएगी।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक के व्यवस्थित संचालन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शहर में वाहनों की संख्या बढऩे के साथ यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है, इसलिए ऐसी व्यवस्था तैयार करने की आवश्यकता है, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो और उन्हें समय पर सार्वजनिक परिवहन के साधन उपलब्ध होते रहें। उन्होंने कहा कि ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को भी यातायात नियमों और निर्धारित व्यवस्था का पालन करना होगा। प्रशासन का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें वाहन संख्या नियंत्रित रहे, यातायात सुचारू रूप से चले और आम लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।
निगम आयुक्त डॉ पंकज ने कहा कि शहर में संचालित ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या, उनके पंजीकरण तथा संचालन के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कमेटी द्वारा किया जाएगा। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि किन वाहनों को अनुमति दी जानी है और आगे किस प्रकार की व्यवस्था लागू की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि ने कहा कि वाहन संख्या निर्धारित होने के बाद रूट निर्धारित करने पर भी विचार किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण ने कहा कि ऑटो चालकों द्वारा निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर वाहन चलाने की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिक सवारियां बैठाने वाले ऑटो चालकों के भारी जुर्माने के चालान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। बैठक में ऑडी वन की व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पुलिस विभाग द्वारा नंबर अलर्ट करने की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही डीजल और पेट्रोल से संचालित वाहनों की संख्या तथा शहर में संचालित विभिन्न प्रकार के वाहनों की स्थिति पर भी अधिकारियों ने विचार-विमर्श किया।
उन्होंने बताया कि शहर में करीब 8 हजार ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से यह भी विचार किया जा रहा है कि जिन लोगों के नाम पर रिक्शा का स्वामित्व है और जो निर्धारित नियमों के तहत पंजीकृत हैं, उन्हें निर्धारित संख्या अनुसार संचालन की अनुमति देने की व्यवस्था की जाए। अन्य वाहनों के संबंध में कमेटी के अध्ययन और रिपोर्ट के बाद निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि शहर में वाहनों की संख्या को नियंत्रित रखना जरूरी है। वाहन संख्या का आकलन करने के बाद अलग-अलग रूट निर्धारित करने की संभावना पर भी विचार किया जाएगा, ताकि एक ही मार्ग पर अत्यधिक संख्या में ऑटो और ई-रिक्शा होने से यातायात प्रभावित न हो और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनी रहे। बैठक में ई-रिक्शा चालकों के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी अपने-अपने सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे। प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके सुझावों को सुना और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा ऑटो यूनियन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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